सिलीगुड़ी : आयकर विभाग के सर्वे और छापामारी से परेशान होकर उत्तर बंगाल की सबसे बड़े गल्ला मंडी, सिलीगुड़ी के खालपाड़ा स्थित नयाबाजार के व्यवसायियों ने आयकर कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया. शनिवार को पूरा बाजार बंद रखकर व्यापारियों ने काला दिवस पालन किया. मुंह पर काली पट्टी बांधकर नयाबाजार से माटीगाड़ा स्थित आयकर कार्यालय तक व्यापारियों ने रैली निकाली.
व्यापारियों को आगबबूला देखकर राज्य के पर्यटन मंत्री गौतम देव नयाबाजार पहुंचे और व्यवसायियों से बातचीत की. साथ ही उन्होंने सोमवार को आयकर के कमिश्नर से मुलाकात कर सर्वे व छापामारी संबंधी समस्यायों पर विचार-विमर्श कर समाधान निकालने का आश्वासन दिया.
उल्लेखनीय है कि बीते शुक्रवार की दोपहर को आयकर विभाग की टीम नयाबाजार गल्ला मंडी में सर्वे करने पहुंची. आयकर विभाग की टीम को देखकर व्यापारी गुस्से से लाल हो गये और करीब चार घंटे तक उन्हें बंधक बनाये रखा. बाद में सिलीगुड़ी मर्चेंट एसोसिएशन व सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस ने आयकर विभाग की टीम को सुरक्षित बाहर निकाला. व्यापारियों का आरोप है कि सर्वे व छापेमारी की वजह से व्यापार को काफी नुकसान होता है.
आयकर अधिकारी सर्वे व छापामारी के नाम पर व्यापारियों का उत्पीड़न करते हैं. आयकर विभाग पर आक्रोश जताकर शनिवार गल्ला मंडी के व्यापारियों ने पूरा बाजार बंद रखा. इसके अतिरिक्त मुंह पर पट्टी बांध कर आयकर विभाग के खिलाफ रैली निकाली. रैली हिलकर्ट रोड, सेवक रोड व विधान रोड के जरिए हाकिमपाड़ा इनकम टैक्स बिल्डिंग पहुंची. जहां कार्यालय बंद देखकर बौखलाये व्यापारी माटीगाड़ा स्थित आयकर कार्यालय तक गये और विरोध जताया.
सिलीगुड़ी मर्चेंट एसोसिएसन के सदस्य गौरीशंकर गोयल ने बताया कि कर चोरी की जांच आयकर विभाग करती है. लेकिन आयकर अधिकारी सर्वे व छापामारी की आड़ में जो व्यवसायियों को लूटते हैं, उसकी जांच कौन करेगा. घर में शव पड़ा हो या व्यक्ति बीमार हो, आयकरवालों को कोई फर्क नहीं पड़ता है. पारदर्शिता बनाये रखने के लिए सरकार को आयकर अधिकारियों पर भी निगरानी रखनी चाहिए.
उन्होंने बताया कि महकमा शासक को व्हाट्सएप के माध्यम से शिकायत भेजी गयी है. सोमवार को उनसे मुलाकात कर व्यापारी अपनी अर्जी महकमा शासक को सौंपेगे. इसके अतिरिक्त मंत्री गौतम देव ने भी आयकर कमिश्नर से मुलाकात कर हल निकालने का आश्वासन दिया है. सोमवार तक कोई रास्ता नहीं निकालने के बाद व्यापारी अपने आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेंगे.
