कालचीनी : नाइक समुदाय की सीएम से गुहार

कालचीनी : आदिवासी नाइक या घांसी समाज को सन 1931 से अनुसूचित जनजाति के वर्ग का दर्जा हटा लिया गया था. उसके बाद से ही यह समुदाय सरकारी सुविधाओं से वंचित होकर पिछड़ता जा रहा है. इन्हीं मुद्दों के मद्देनजर नॉर्थ बेंगॉल नाइक (घांसी) समाज कल्याण समिति की ओर से प्रशासन के मार्फत मुख्यमंत्री ममता […]

कालचीनी : आदिवासी नाइक या घांसी समाज को सन 1931 से अनुसूचित जनजाति के वर्ग का दर्जा हटा लिया गया था. उसके बाद से ही यह समुदाय सरकारी सुविधाओं से वंचित होकर पिछड़ता जा रहा है. इन्हीं मुद्दों के मद्देनजर नॉर्थ बेंगॉल नाइक (घांसी) समाज कल्याण समिति की ओर से प्रशासन के मार्फत मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को ज्ञापन दिया गया है.
आरोप है कि यह समुदाय विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित है. गुरुवार को कालचीनी के बीडीओ भूषण शेर्पा को समिति के पक्ष से ज्ञापन दिया गया. यह जानकारी समिति के अध्यक्ष शिवराम नाइक ने दी है.
शिवराम ने बताया कि आदिवासियों में उरांव, खड़िया और मुंडा समुदाय की तरह की भाषा एवं संस्कृति वाले इस समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा नहीं होने से वंचना का शिकार होना पड़ रहा है. ज्ञापन में नाइक समुदाय के लिये अलग से विकास एवं संस्कृति बोर्ड के गठन की मांग की गयी है.
अपनी मांगों के संबंध में समिति के सदस्यों ने बीडीओ परिसर में नारेबाजी भी की. कालचीनी में नये नये पदस्थापित होने वाले भूषण शेर्पा को समिति के पक्ष से खदा ओढ़ाकर सम्मानित किया गया. समिति के पक्ष से शिवराम नाइक, अशोक लाइक और राजेश नाइक ने बताया कि बीडीओ ने ज्ञापन मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है.

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