सिलीगुड़ी : बंगाल का सबसे बड़ा त्यौहार दुर्गोत्सव में अब बस एक महीना बचा है. बड़े बजटवाले आयोजको ने तो पंडाल व प्रतिमा का काम भी शुरू करा दिया है. शांति व सौहार्द के साथ दुर्गापूजा के आयोजन को लेकर मंगलवार को राज्य के पर्यटन मंत्री गौतम देव ने आयोजको के साथ बैठक की.
पूजा आयोजन के लिए प्रशासन से अनुमति लेने की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है. सिंगल विंडो से आवेदक घर बैठे ही पुलिस, ट्रैफिक, प्रदूषण नियंत्रण, दमकल व अन्य विभागों से मंजूरी के लिए आवेदन कर सकते हैं. पूजा के दौरान पहली बार पहाड़ के दार्जिलिंग व कालिम्पोंग में पर्यटकों के लिए हेल्प डेस्क की व्यवस्था रहेगी.
प्रत्येक वर्ष दुर्गापूजा में देशी-विदेशी पर्यटकों का हुजूम पहाड़ पर उमड़ता है. इस बार भी ऐसी ही संभावना जतायी जा रही है. पूजा के समय के लिए पहाड़ के सभी होटल व होम स्टे अभी से बुक हो चुके हैं. पर्यटकों को घर जैसा आनंद दिलाने के लिए राज्य पर्यटन विभाग ने विशेष योजना बनायी है. इसे लेकर मंगलवार को राज्य के पर्यटन मंत्री गौतम देव ने मैनाक टूरिस्ट लॉज में पूजा आयोजकों के साथ बैठक की.
इस बैठक में दार्जिलिंग जिला अधिकारी जयसी दासगुप्ता, सिलीगुड़ी एसडीओ सिराज दानेश्वर, एसजेडीए के कार्यकारी अधिकारी एस पूर्णबल्लम, सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस कमिश्नरेट के डिप्टी पुलिस कमिश्नर सुदीप सरकार, डिप्टी पुलिस कमिश्नर (ट्राफिक) नागेंद्रनाथ त्रिपाठी, सिलीगुड़ी महकमा परिषद के एईओ के अलावा प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड, दमकल, सिंचाई विभाग के अधिकारी मौजूद थे.
बैठक के बाद मंत्री गौतम देव ने बताया कि पहली बार पहाड़ पर पर्यटकों के लिए होल्प डेस्क बनाया जायेगा. इसको लेकर जीटीए प्रशासक विनय तमांग से बातचीत हुई है. इसे लेकर पहाड़ पर भी एक बैठक की जायेगी. इसके अतिरिक्त पूजा के दौरान पर्यटकों की सुरक्षा के लिए न्यू जलपाईगुड़ी व सिलीगुड़ी जंक्शन, बागडोगरा हवाई अड्डा, तेंजिंग नोर्गे बस स्टैंड पर भी हेल्प डेस्क लगायी जायेगी.
पूजा आयोजन की अनुमति के लिए ऑनलाइन सिंगल विंडो व्यवस्था है. ऑफलाइन की भी व्यवस्था सिलीगुड़ी के बाघाजतीन पार्क में होगी. लेकिन अगले वर्ष से आयोजकों को ऑनलाइन ही आवेदन करना होगा.
हर पूजा पूजा पंडाल पर सीसीटीवी के जरिए पुलिस प्रशासन निगरानी रखेगी. दस लाख से अधिक बजटवाले आयोजक को पंडालों में स्वयं ही सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था करनी होगी. सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस कमिश्नरेट में चौबीसों घंटे के लिए एक कंट्रोल रूम की व्यवस्था रहेगी. पर्यटकों की सुविधा के लिए होटल मालिक, होम स्टे व टैक्सी संगठनों के साथ किराया आदि को लेकर भी बैठक की जायेगी.
पूजा आयोजकों को हाइकोर्ट के निर्देशानुसार साउंड की व्यवस्था करनी होगी. कानून की अवहेलना पाये जाने पर प्रदूषण विभाग की ओर से सख्त कार्रवाई की जायेगी.
प्लास्टिक कैरीबैग मुक्त शहर की थीम व प्रचार-प्रसार करनेवाले आयोजकों को पुरस्कृत भी किया जायेगा. दीपावली के पहले शहर में एक अलग से पटाखा बाजार लगाया जायेगा. तेज आवाजवाले पटाखों पर पूरी तरह निषेध होगा. इस पर भी पुलिस प्रशासन निगरानी करेगा. शहर की साफ-सफाई के लिए के लिए सिलीगुड़ी नगर निगम से भी आवेदन किया गया है.
