फांसीदेवा: पुल गिरने से राजनीतिक पारा उफान पर

सिलीगुड़ी : सिलीगुड़ी से सटे फांसीदेवा ब्लॉक स्थित मानगछ में पुल ढहने की घटना में राजनीतिक विवाद चरम पर है. सिलीगुड़ी महकमा परिषद की वाम बोर्ड व विरोधी दल सहित राज्य के मंत्री की ठन गयी है. सोमवार को सिलीगुड़ी महकमा परिषद के विरोधी दलनेता काजल घोष ने पुल ढहने का जिम्मेदार सभाधिपति तापस सरकार […]

सिलीगुड़ी : सिलीगुड़ी से सटे फांसीदेवा ब्लॉक स्थित मानगछ में पुल ढहने की घटना में राजनीतिक विवाद चरम पर है. सिलीगुड़ी महकमा परिषद की वाम बोर्ड व विरोधी दल सहित राज्य के मंत्री की ठन गयी है.
सोमवार को सिलीगुड़ी महकमा परिषद के विरोधी दलनेता काजल घोष ने पुल ढहने का जिम्मेदार सभाधिपति तापस सरकार को ठहराते हुए पद से इस्तीफा देने की मांग की है. जबकि महकमा परिषद के सभाधिपति तापस सरकार ने माझेरहाट सहित कई फ्लाइओवर व ब्रिजों के टूटने के लिए जिम्मेदार राज्य की मुख्यमंत्री सहित मंत्रिमंडल के कई जिम्मेदार मंत्रियों से पहले इस्तीफा देने की बात कही.
यहां बता दे कि बीते 7 सितंबर को फांसीदेवा-चटहाट को जोड़ने वाली मानगछ की ब्रिज अचानक बीच से टूट गयी. उपर से गुजर रही ईंट से लदे ट्रक के भार से टूटी ब्रिज के बाद से सिलीगुड़ी का राजनीतिक माहौल गरमा गया है.
सोमवार को सिलीगुड़ी महकमा परिषद में पत्रकारों‍ को संबोधित करते हुए विरोधी दल नेता काजल घोष ने कहा कि सभाधिपति अपनी जिम्मेदारियों को किनारे रखकर राज्य के मंत्री व सरकारी अधिकारियों पर ताना कस रहे हैं. साथ ही मंत्री को क्षमा मांगने व अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्यवायी की धमकी दी है.
जबकि वर्ष 2017 के मार्च में फांसीदेवा ग्राम पंचायत ने बीडीओ को ब्रिज की जर्जता से अवगत कराया. इसके बाद अप्रैल महीने में बीडीओ ने एसिस्टेंट इंजीनियर को ब्रिज की मरम्मती के लिए 7 लाख का प्रोजेक्ट एस्टिमेट भेजा. एस्सिटेंट इंजीनियर भी महकमा परिषद का ही हिस्सा है.
बाद में महकमा परिषद ने 16 लाख का रिवाइज्ड प्रोजेक्ट एस्टिमेट भेजा. लेकिन इसके बाद टेंडर प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ायी गयी. उसी समय ब्रिज की मरम्मत करवा देने से यह हादसा नहीं होता. अपनी इस व्यर्थता और मंत्री सहित सरकारी अधिकारी पर जिम्मेदारी थोपने के लिए सभाधिपति को पद से इस्तीफा दे देना चाहिए.
ब्रिज टूटने के बाद राज्य के पर्यटन मंत्री गौतम देव जाएजा लेने पहुंचे व इस हादसे से सिलीगुड़ी महकमा परिषद में वाम बोर्ड को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि था कि वर्ष 2016 में बीडीओ ने मरम्मती के लिए महकमा परिषद को पत्र लिखा था लेकिन वाम बोर्ड ने ध्यान नहीं दिया.
जबकि सिलीगुड़ी महकमा परिषद के सभाधिपति तापस सरकार ने मंत्री पर गलत बयानबाजी कर लोगों को भड़काने का आरोप लगाया.उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में फांसीदेवा ग्राम पंचायत ने बीडीओ को पत्र लिखा था. उसके बाद बीडीओ ने जिला प्रशासन के एसिस्टेंट इंजीनियर को क्षतिग्रस्त ब्रिज की मरम्मती के लिए 7 लाख रूपये की योजना भेजी.
फिर जिलाशासक ने 7 लाख की परियोजना की जांच करने की जिम्मेदारी महकमा परिषद को दी. उसके बाद महकमा परिषद ने 16 लाख की रिवाइज्ड प्रोजेक्ट एस्टिमेट बीडीओ को भेज दिया था. इसके बाद बीडीओ ने रकम व मरम्मती के लिए महकमा परिषद को नहीं कहा. इसके अतिरिक्त उक्त पुल बोर्डर एरिया डेवलपमेंट फंड से बना था.
इसीलिए मरम्मती का कार्य भी बीएडीपी के फंड से होना चाहिए. श्री सरकार ने आगे कहा कि ब्रिज टूटने की घटना के लिए तृणमूल मेरा इस्तीफा मांग रही है तो कोलकाता के माझेरहाट सहित कई फ्लाइओवर के गिरने के लिए जिम्मेदार राज्य की मुख्यमंत्री सहित मंत्रिमंडल के कई मंत्रियों को पहले इस्तीफा देना होगा.

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