कालिम्पोंग : कार्सियांग महकमा अंतर्गत तीनधरिया के राजबारी में ग्रामीण शिल्प केंद्र को लेकर सोमवार को सचेतना शिविर का आयोजन किया गया. महिलाओ को स्वनिर्भर बनाने के उद्देश्य से पश्चिम बंगाल खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के साथ सामाजिक संस्था मणि ट्रस्ट की पहल पर तीनधारिया राजबारी के जनसेवा संघ में शिविर सम्पन्न हुआ.
पश्चिम बंगाल खादी एवं ग्राम उद्योग बोर्ड के दार्जिलिंग जिला प्रभारी पार्थ सारथी भट्टाचार्य के सभापतित्व में सम्पन्न शिविर के मुख्य अतिथि के रूप में खादी बोर्ड सदस्य शारदा राई सुब्बा, मणि ट्रस्ट के चेयरमैन सुवास एम. सिंह, खादी बोर्ड के जलपाइगुड़ी, कूचबिहार एवं अलीपुरद्वार जिला प्रभारी एसके गुरुंग, बोर्ड के सर्किल इंस्पेक्टर सोमनाथ सरकार, मणि ट्रस्ट के कर्सियांग ट्रस्टी छूना सुब्बा, सिलीगुड़ी ट्रस्टी उत्पल राय आदि उपस्थित थे. कार्यक्रम में मणि ट्रस्ट के चेयरमैन सुवास एम सिंह ने शिविर के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महिलाओं को गांव में ही स्वनिर्भर बनाने के उद्देश्य से खादी एवं ट्रस्ट ने संयुक्त रूप से दार्जिलिंग पहाड़ में 26 कालिम्पोंग क्राफ्ट प्रशिक्षण केन्द्र का संचालन कर 1200 से अधिक महिलाओं को स्वनिर्भर बनाया.
उन्होंने महिला को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के उद्देश्य से दार्जिलिंग पहाड़ में 40 से अधिक शिल्प केन्द्र संचालित करने की योजना पर प्रकाश डाला. इसी योजना के अंतर्गत तीनधारिया क्षेत्र की महिलाओ को भी क्राफ्ट प्रशिक्षण केन्द्र में तालिम देकर स्वनिर्भर बनने का आह्वान किया.
श्री सिंह ने कहा की ट्रस्ट द्वारा पहले चरण में तीन महीने का प्रशिक्षण दिया जायेगा. जिसमे भाग लेने वाली महिलाओं को मासिक 3 हजार रूपये भी दिये जायेंगे. मुख्य अतिथि बोर्ड सदस्य शारदा राई सुब्बा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री की इच्छा के कारण ही महिला सशक्तिकरण के लिए प्रशिक्षण केन्द्र संचालन होने की बातें कही.
स्थानीय जनता की उपस्थिति में सम्पन्न शिविर अवधि में रोजा राई एवं रिसिका लामा ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया. राजबारी जनसेवा संघ के अध्यक्ष रंजन रसाईली, सचिव विशाल राई आदि की उपस्थिति में सम्पन्न शिविर को युवराज सुन्दास ने संचालन किया.
