दार्जिलिंग : अपनी पहाड़ यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दार्जिलिंग के विकास के लिए एक अलग कमेटी गठित करने का फैसला लिया है. मंगलवार को जिला अधिकारी के बंगले में राज्य सरकार और जीटीए के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई, जिसमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद मौजूद रहीं.
बैठक में जीटीए प्रशासक बोर्ड के चेयरमैन विनय तमांग, वाइस चेयरमैन अनित थापा, दार्जिलिंग के विधायक अमर सिंह राई, कर्सियांग के विधायक डॉ रोहित शर्मा, जीटीए के सचिव छेडेन लामा, सी मुरुगन, एलबी राई और राज्य सरकार के कई अधिकारी भी शामिल थे. एक घंटे से अधिक समय तक चली बैठक के बाद पत्रकारों से रूबरू होते हुए मुख्यमंत्री ने दार्जिलिंग में बने रहे नये ग्रीनफील्ड विश्वविद्यालय के नाम की भी घोषणा की. उन्होंने कहा कि इसका नाम दार्जिलिंग हिल यूनीवर्सिटी होगा.
मुख्यमंत्री ने कहा : ‘दार्जिलिंग को और विकसित करने के लिए आज की बैठक में विशेष बातचीत हुई है. न्यू दार्जिलिंग बनाने के लिए एक कमेटी गठित करने का निर्णय भी लिया गया है, जिसका अध्यक्ष दार्जिलिंग के विधायक अमर सिंह राई को चुना गया है. कमेटी में जीटीए के सचिव से लेकर जिलाधिकारी और जीटीए बोर्ड के चेयरमैन विनय तमांग, वाइस-चेयरमैन अनित थापा व अन्य सदस्य रहेंगे.’
ममता बनर्जी ने कहा कि दार्जिलिंग की जनता काफी सालों से विश्वविद्यालय की मांग कर रही थी. केंद्र की भाजपा सरकार ने दार्जिलिंग की जनता की आवाज को अनसुना कर दिया, परंतु राज्य सरकार ने पहाड़ की जनता की आवाज सुनी और राज्य की ओर से विश्वविद्यालय बनाने का निर्णय लिया.
इसके बाद राज्य सरकार ने विधानसभा में दार्जिलिंग के लिए ग्रीनफील्ड विश्वविद्यालय का विधेयक पारित कराया. बुधवार को इसका शिलान्यास होगा. मुख्यमंत्री पहाड़ को और विकसित करने के लिए पर्यटन उद्योग पर जोर दिया.
