न्यूनतम वेतन तय होने तक जारी रहेगा आंदोलन: तमांग
ज्वाइंट फोरम ने सिंगताम चाय बागान में की गेट मीटिंग
श्रमिकों से एकजूट होकर आंदोलन करने की अपील
दार्जिलिंग : श्रमिकों के न्यूनतम वेतनमान की मांग को लेकर ज्वाइंट फोरम की ओर से गेट मीटिंग व सभा का दौर लगातार जारी है. इसी सिलसिले में सोमवार को सिंगताम चाय बागान में गेट मीटिंग एवं सभा का आयोजन किया गया.
इस सभा में ज्वाइंट फोरम के दार्जिलिंग हिल्स संयोजक जेवी तमांग विशेष रूप से उपस्थित रहे. श्रमिकों के गेट मीटिंग को संबोधित करते हुये उन्होंने कहा कि जब तक न्यूनतम वेतनमान तय नहीं किया जायेगा, तब तक ज्वाइंट फोरम की ओर से आंदोलन चलता रहेगा.
बागान में आयोजित गेट मीटिंग व सभा को संबोधित करते हुये हिल संयोजक तमांग ने कहा कि ज्वाइंट फोरम की ओर से पिछले काफी दिनों से आंदोलन किया जा रहा है.
इस गेट मीटिंग के आयोजन का मुख्य उद्देश्य मालिकों से श्रमिकों को मिलने वाला हक, अधिकार और सहुलियतों के बारे में जानकारी देना है. श्रमिकों को भी अपना हक और अधिकार के प्रति जागरूक करके जागृत कर याद दिलना है. गोजमुमो और उसके श्रमिक संगठन के नेतृत्व पर कटाक्ष करते हुये श्री तमांग ने कहा कि मोर्चा और उसके श्रमिक संगठन के नेतृत्वगण कहते हैं, कि हमलोग टेबल पर बैठकर श्रमिकों को हक और अधिकार दिलायेंगे.
परंतु पिछले 2007 से लेकर आज तक मोर्चा और उसके श्रमिक संगठन ने चाय श्रमिकों को क्या-क्या हक दिलाया है, उसको सार्वजनिक करना चाहिये. वहीं ज्वाइंट फोरम जब तक चाय श्रमिकों के हक व अधिकार की मांग को पूरा नहीं करेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.
वहीं कार्यक्रम को संबोधित करते हुये ज्वाइंट फोरम के हिल प्रवक्ता सुनील राई ने उपस्थित भीड़ को एकबद्ध होकर चलने की बातें कही. उन्होंने कहा कि एकता में बल है. सभी श्रमिकों को साथ होकर अपना हक मांगना होगा. जब तक हमलोग एकबद्व नहीं होंगे तबतक चल रहे आंदोलन को जीत नहीं पायेंगे. मोर्चा और उसका श्रमिक संगठन ने ज्वाइंट फोरम पर तरह-तरह का आरोप लगा रही है.
लेकिन फोरम पर इस तरह का गलत आरोप लगाने वाले राजनीतिक दल एवं श्रमिक संगठन के नेतृत्वगणों ने पिछले 2017 में हुये आंदोलन के दौरान 105 दिनों तक पहाड बंद हुआ था. उस बंद के दौरान चाय श्रमिकों को जो क्षति पहुंची है, उसकी भारपाई करने का मांग की. सभा में ज्वाइंट फोरम के प्रवक्ता सुनील राई के अलावा अमर लामा, एसके राई, धीरज राई, किशोर गुरूंग,नवीन लामा, वीर बाहुदर घीसिंग, रविन लामा, वाइ लामा आदि भी उपस्थित थे.
