नागराकाटा : चाय श्रमिकों की मजदूरी 10 रुपये बढ़ी

नागराकाटा : चाय श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी पर अंतिम फैसला नहीं होने तक, अंतरिम व्यवस्था के तहत मजदूरी बढ़ाने का निर्देश राज्य सरकार के श्रम विभाग ने जारी कर दिया है. चालू महीने से यह मजदूरी 169 रुपये होगी, जबकि अगले महीने अक्तूबर से इसे 176 रुपये कर दिया जायेगा. उल्लेखनीय है कि अगस्त […]

नागराकाटा : चाय श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी पर अंतिम फैसला नहीं होने तक, अंतरिम व्यवस्था के तहत मजदूरी बढ़ाने का निर्देश राज्य सरकार के श्रम विभाग ने जारी कर दिया है. चालू महीने से यह मजदूरी 169 रुपये होगी, जबकि अगले महीने अक्तूबर से इसे 176 रुपये कर दिया जायेगा. उल्लेखनीय है कि अगस्त महीने तक राशन भत्ता समेत कुल 159 रुपये दैनिक मजदूरी चाय श्रमिकों को मिल रही थी.
राज्य के श्रम आयुक्त जावेद अख्तर ने गत 31 अगस्त को मजदूरी वृद्धि का ज्ञापन जारी किया है. चाय श्रमिक संगठनों के ज्वाइंट फोरम के एक नेता अभिजीत राय ने कहा कि ऐसा सुनने में आ रहा था कि मजदूरी वृद्धि अप्रैल महीने से लागू की जायेगी. लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ. इससे हमलोगों को निराशा हुई है.
फोरम के ही एक अन्य नेता आलोक चक्रवर्ती ने कहा कि हमारी मुख्य मांग न्यूनतम मजदूरी है. सरकार को चाय मजदूरों का यह कानूनी अधिकार सुनिश्चित करना ही होगा. वहीं तृणमूल से संबद्ध तृणमूल कांग्रेस मजदूर यूनियन के एक नेता बबलू मुखर्जी ने कहा कि वाम जमाने में एक-दो रुपया मजदूरी बढ़ती थी.
लेकिन एक साल के अंदर ही सरकार ने चाय श्रमिकों की मजदूरी 43.50 रुपये करके एक नजीर पेश की है.मजदूरी बढ़ने पर चाय मालिकों के संगठन, टी एसोसिएशन ऑफ इंडिया की डुआर्स शाखा के सचिव राम अवतार शर्मा ने कहा कि एक वित्तीय वर्ष में मजदूरी 33 प्रतिशत बढ़ गयी, जबकि चाय का दाम एक प्रतिशत भी नहीं बढ़ा है. यहां तक कि 10 साल में भी चाय का दाम 33 प्रतिशत नहीं बढ़ा है. मजदूरी वृद्धि के इस फैसले से चाय उद्योग समस्या में पड़ेगा.

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