स्थानीय कांग्रेसियों पर लगा घर से बहिष्कृत करने का आरोप
कांग्रेस सांसद ने कहा : आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद
मालदा : पंचायत चुनाव के दौरान कांग्रेस के लिये प्रचार नहीं करने और उसके जुलूस में शामिल नहीं होने पर तीन तृणमूल कार्यकर्ताओं के परिवार को उनके घर से बेदखल कर दिया गया है. आरोप है कि कांग्रेस के कुछ दबंगों के कारण इन परिवारों को गांव के ही आम बागान में पॉलिथिन सीट के नीचे आश्रय लेना पड़ा है.
बीते ढाई महीनों से ये परिवार इसी तरह रह रहे हैं. यह घटना कालियाचक थाने के गयेशबाड़ी इलाके की है. यहां तक संबंधित थाने ने शिकायत तक दर्ज करने से मना कर दिया. इसके बाद पीड़ित परिवारों ने स्पीड पोस्ट के माध्यम से कालियाचक थाने को अपनी शिकायत भेजी.
पुलिस के पास भेजी गयी शिकायत में तृणमूल कार्यकर्ता हाजी तालिब मंडल ने कहा है कि उनके तीन बेटे अब्दील मतीन शेख, मतीउर रहमान और अतीउर रहमान हैं.
पहले से ही उनका परिवार तृणमूल कांग्रेस करता आ रहा है. कभी कांग्रेस का गढ़ रही गयेशबाड़ी ग्राम पंचायत पर इस बार तृणमूल कांग्रेस ने कब्जा कर लिया है. इसमें उनके परिवार की भी बड़ी भूमिका है. इसी से बौखलाये कांग्रेस के दबंगों ने उनके घर पर हमला किया, तोड़फोड़ की और हत्या का प्रयास किया.
तृणमूल कार्यकर्ता अतीउर रहमान ने बताया कि गयेशबाड़ी गांव में उनका 58 डेसिमल जमीन पर घर बना हुआ है. पूर्वजों के जमाने से वे लोग यहीं रहते आ रहे हैं. उनका परिवार तृणमूल समर्थक है. इसलिये उनके परिवार के खिलाफ स्थानीय कांग्रेसियों लेबू शेख, लियाकत शेख, डब्बू शेख, एबारक शेख, नुरुल होदा आदि ने उन्हें गांव से बाहर करने की साजिश रची.
उनके घर में तोड़फोड़ की गयी और उन्हें बेदखल होने को मजबूर किया गया. यहां तक की तालिबानी फरमान जारी कर उनलोगों को गांव के पानी के इस्तेमाल, मोदीखाना से जरूरी चीजों की खरीदारी आदि से भी रोक दिया गया. इसके बाद मजबूर होकर वह अपने वृद्ध माता-पिता, पत्नी, पुत्र आदि को लेकर दो महीने से अधिक समय से पेड़ के नीचे रह रहे हैं.
घटना के संबंध में तृणमूल कांग्रेस के युवा संगठन के जिलाध्यक्ष अमलान भादुड़ी ने कहा कि तृणमूल कार्यकर्ताओं के साथ जिस तरह का आचरण किया गया है, उसे कभी स्वीकार नहीं किया जा सकता. परिवार को सुरक्षा देकर वापस उसके घर लौटाने के लिये पुलिस अधीक्षक से बात की जायेगी.
इधर इस बारे में कांग्रेस की जिलाध्यक्ष मौसम नूर ने कहा कि आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद है. उनकी पार्टी कभी भी ऐसी घटनाओं के प्रश्रय नहीं देती है. वहीं पुलिस अधीक्षक अर्णव घोष ने कहा कि पूरे मामले को वो देख रहे हैं.
