सिलीगुड़ी : सिलीगुड़ी शहर व आस-पास का इलाका इन दिनों वायरल फीवर के प्रकोप में जकड़ा हुआ है. सरकारी, गैर-सरकारी अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ी है. डेंगू और चिकनगुनिया के मरीजों में भी लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है. अस्पतालों के आउटडोर में इन मरीजों की लंबी कतार हर रोज देखी जा सकती है. वहीं गंभीर रुप से पीड़ित मरीजों की भी अस्पतालों के वार्डों में हर रोज बढ़ोत्तरी हो रही है.
सिलीगुड़ी जिला अस्पताल और उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में इन मरीजों के लिए बेड भी कम पड़ने लगे हैं. अधिकांश मरीजों को फर्श पर ही बिस्तर लगाकर इलाज करवाना पड़ रहा है. वहीं, नर्सिंग होम में भी वायरल फीवर के साथ ही डेंगू और चिकनगुनियों के मरीजों में इजाफा हुआ है.
खालपाड़ा स्थित एक नर्सिंग होम प्रबंधन सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार हर रोज 30 से भी अधिक फीवर से जकड़े मरीज जांच कराने पहुंच रहे हैं. वहीं गंभीर रुप से पीड़ित आठ-दस मरीज हर रोज इलाज के लिए वार्ड में भर्ती हो रहे हैं. सिलीगुड़ी व आस-पास के इलाके में 15 से भी अधिक नर्सिंग होम हैं. जहां औसतन सौ से भी अधिक वायरल फीवर के मरीज भर्ती हैं. इनमें अधिकांश संख्या डेंगू व चिकनगुनिया के मरीज हैं. हालांकि सरकारी तौर पर इसकी सटीक जानकारी नहीं मिल रही और न ही पुष्टि की जा रही है.
क्या कहना है मेयर का: हाल ही में डेंगू और चिकनगुनिया के कई मामले सामने आने के बाद सिलीगुड़ी नगर निगम भी हरकत में है. मेयर अशोक भट्टाचार्य ने मामले को गंभीरता से लेते हुए हाल ही में निगम में संबंधित विभागों स्वास्थ्य, साफ-सफाई व अन्य के मेयर परिषद सदस्य, अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ आपात मीटिंग भी की थी. श्री भट्टाचार्य ने सभी विभागों को त्वरित कार्यवायी करने का जरुरी निर्देश भी दिया था. इसके तहत घर-घर जाकर बुखार से पीड़ित मरीजों की सूची तैयार करने के अलावा घरों व छतों पर पानी जमा न करने, एसी-फ्रिज आदि का पानी नियमित रुप से बाहर करने, आस-पास के इलाकों को हमेशा स्वच्छ रखने और डेंगू, चिकनगुनिया रोग के लक्षण व उससे बचाव की विस्तृत जानकारी लोगों को देने के लिए एवं लोगों में जागरुता फैलाने के लिए जोरदार तरीके से प्रचार-प्रसार करने का आदेश भी दिया था.
साथ ही हरेक वार्डों में नियमित रुप से मच्छर मारने वाले तेल स्प्रे, फोगिंग व बिल्चिंच पावडर के छिड़काव का भी आदेश दिया था. साथ ही डेंगू और चिकनगुनिया के मामले सामने आने के बाद श्री भट्टाचार्य ने जिला स्वास्थ्य विभाग पर सहयोन न करने का भी आरोप लगाया. उनका साफ कहना है कि ऐसे मामलों की सटीक जानकारी जिला स्वास्थ्य विभाग निगम को नहीं दे रही.
जिला के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी ने दी सफाई: जिला मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमओएच) डॉ प्रलय आचार्य ने अपनी सफाई में कहा है कि निगम इस मामले मिथ्या आरोप लगा रहा है. मरीजों की संख्या की नियमित रुप से निगम को दी जा रही है. इसके अलावा भी इससे जुड़े हर तकनीकी सहयोग भी निगम को किया जा रहा है.वायरल फीवर, डेंगू व चिकनगुनिया से लोगों को बचाने के लिए स्वास्थ्य दफ्तर की ओर से शहर-शहर व गांव-गांव में मुहिम चलायी जा रही है. इसके तहत व्यापक रुप से प्रचार-प्रसार के जरिये लोगों को जागरुक करने का प्रयास किया जा रहा है.
