सिलीगुड़ी : लिफ्ट में एक गर्भवती महिला के घंटो फंसे रहने से सिलीगुड़ी जिला अस्पताल में हंगामा मच गया. मौजूद रोगी के परिजन काफी उत्तेजित हो गये थे. जानकारी मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थिति को काबू में किया. करीब एक घंटे बाद गर्भवती महिला को लिफ्ट से बाहर निकाल कर भर्ती किया गया. इस घटना के बाद अस्पताल अधीक्षक अमिताभ मंडल ने एक वैकल्पिक लिफ्ट बनवाने का आश्वासन दिया है.
मिली जानकारी के अनुसार सिलीगुड़ी से सटे न्यू जलपाईगुड़ी इलाका निवासी देवाशीष चंद्र की पत्नी को प्रसव पीड़ा शुरू हुआ. उसने फौरन पत्नी को सिलीगुड़ी जिला अस्पताल पहुंचाया. आपातकाल विभाग में मौजूद डाक्टर ने गर्भवती को फौरन भर्ती किया. नीचले तल्ले से गर्भवती महिला को दूसरी मंजिल पर ले जाने के लिए लिफ्ट का उपयोग किया गया.
लेकिन लिफ्ट बीच में ही फंस गयी. लिफ्ट के भीतर गर्भवती महिला काफी व्याकुल हो रही थी. जानकारी मिलते ही अस्पताल के कर्मचारी मौके पर पहुंचे. अस्पताल में उपस्थित रोगियों के परिजन भी वहां पहुंच गये. अस्पताल की व्यवस्था पर सभी ने सवालिया निशान लगाया. प्रबंधन की ओर से फौरन मैकेनिक को बुलाया गया.
करीब एक घंटे बाद लिफ्ट से महिला को बाहर निकाला गया. फिर उसे प्रसूता वार्ड में भर्ती किया गया. देवाशीष चंद्र ने बताया कि लोग चिकित्सा के लिए अस्पताल आते हैं लेकिन आज जिला अस्पताल प्रबंधन की वजह से उसकी पत्नी की तबीयत और बिगड़ गयी. करीब एक घंटे तक वो लिफ्ट में फंसी रही.
इस संबंध में सिलीगुड़ी जिला अस्पताल अधीक्षक अमिताभ मंडल ने बताया कि किसी तकनीकी खराबी की वजह से लिफ्ट अटक गयी थी. फंसी गर्भवती महिला को सुरक्षित बाहर निकाला गया. उसकी तबीयत बिल्कुल ठीक है. श्री मंडल ने आगे कहा कि मशीनरी में इस तरह की समस्या होती है. एक और वैकल्पिक लिफ्ट बनाने को लेकर प्रबंधन व स्वास्थ विभाग के बीच बातचीत हुयी है. जल्द ही एक और वैकल्पिक लिफ्ट की व्यवस्था की जायेगी.
