सिलीगुड़ी : गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के छह सदस्यों की टीम ने केंद्रीय मंत्री एसएस अहलुवालिया के साथ केंद्रीय जनजाति कार्य मंत्री जुएल ओराम से उनके निवास पर मुलाकात की. इनलोगों ने गोरखा जाति के ग्यारह समुदायों ,गुरूंग,मंगर,नेवार,जोगी,खस,राई,सुनवार,थामी,याखा तथा धीमाल जाति को जनजाति का दर्जा देने की मांग की. इस जाति के लोग पश्चिम बंगाल में खासकर दार्जिलिंग तथा डुवार्स, सिक्किम व उत्तर-पूर्व राज्यों में रहते हैं.
गोजमुमो नेताओं ने इनसभी को शीघ्र से शीघ्र अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने के लिए संवैधानिक संशोधन लाने का प्रस्ताव मंत्री के सामने रखा. गोजमुमो नेताओं का कहना हे कि इस समुदाय के लोग काफी पिछड़े हुए हैं. यदि इनको जनजाति का दर्जा मिल जाता है तो यह सभी विकास के पथ पर अग्रसर हो सकेंगे. इससे पहले आज प्रातः श्री अहलुवालिया ने सिक्किम के मुख्य मंत्री पवन चामलिंग से भी इसी विषय पर फोन पर बातचीत की.
यहां उल्लेखनीय है कि उपरोक्त समुदायों को जनजाति का दर्जा प्रदान करने के लिए बनी कमिटी ने मई 2018 में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है. श्री अहलुवालिया ने इस मामले में कहा कि सरकार इनकी मांगों पर गंभीरता के साथ विचार करेगी. उन्हें विश्वास है कि उपरोक्त ग्यारह गोरखा समुदायों को जनजाति का दर्जा जल्द से जल्द प्राप्त होगा.
सभी नेता बिमल गुट के
केंद्रीय मंत्री से मिलने वाले गोजमुमो के सभी नेता बिमल गुट के हैं. इस टीम में आरपी वाइबा,पूर्व कर्नल रमेश आले,जीटीए के पूर्व चेयरमैन लोपसांग लामा,रोहित थापा और अनिल लोचन शामिल थे.
