महंगाई पर आस्था भारी, बकरे भी महंगे, फिर भी बाजार गुलजार

सिलीगुड़ी : मुस्लिम धर्मावलंबियों में ईद के तरह ही बकरीद त्योहार का भी खास महत्व है. यह त्योहार 22 अगस्त यानी बुधवार को देश-दुनिया में हर्षोल्लास के साथ मनाया जायेगा. सिलीगुड़ी में भी कंचनजंघा स्टेडियम में सुबह बकरीद की नमाज अदा की जायेगी. जहां हजारों लोग सामूहिक रुप से एक साथ नमाज अदा करेंगे और […]

सिलीगुड़ी : मुस्लिम धर्मावलंबियों में ईद के तरह ही बकरीद त्योहार का भी खास महत्व है. यह त्योहार 22 अगस्त यानी बुधवार को देश-दुनिया में हर्षोल्लास के साथ मनाया जायेगा. सिलीगुड़ी में भी कंचनजंघा स्टेडियम में सुबह बकरीद की नमाज अदा की जायेगी. जहां हजारों लोग सामूहिक रुप से एक साथ नमाज अदा करेंगे और देश की तरक्की व अमन-चैन की दुआ करेंगे. बकरीद को लेकर मुस्लिम समाज के लोग अभी से ही जोरशोर से तैयारी कर रहे हैं.
बकरीद को लेकर सिलीगुड़ी व आसपास का बाजार गुलजार हो उठा है. हांलाकि बकरीद पर भी महंगाई की मार साफ दिखायी दे रही है. इसके बावजूद जिस तरीके से लोग बाजार कर रहे हैं उससे साफ कहा जा सकता है कि महंगाई पर आस्था भारी है. बकरीद में खासतौर पर बकरे को कुर्बानी देने का रिवाज है. लेकिन इसबार बकरे भी काफी महंगे हो गये हैं. बकरा बाजार में तीन साल का हट्टाकट्टा बकरा नाम बिट्टू जहां 35 हजार रुपये में बिक रहा है तो वहीं अढ़ाई साल के मुन्ना का भाव 25 हजार रुपये है.
सिलीगुड़ी जामा मस्जिद के पास आलू पट्टी में लगनेवाला बकरा बाजार में दूर-दराज से बकरे लाकर बेचे जा रहे हैं. जहां एक बकरे पांच हजार रुपये से 50 हजार रुपये तक में बिक रहे हैं. बकरे की कदकाठी के हिसाब से उसकी कीमत भी तय होती है. सिलीगुड़ी के अलावा माटीगाड़ा, फूलबाड़ी, जटियाकाली, फांसीदेवा, विधाननगर, नक्सलबाड़ी, खोरीबाड़ी व अन्य ग्रामों के हाट-बाजारों में भी इन दिनों बकरे की खूब खरीदारी हो रही है.
दूसरी ओर बकरीद को लेकर जहां कपड़े, जूते आदि की दुकानों में भी भीड़ उमड़ने लगी है वहीं, फिन्नी, सेवई की खूशबू से भी से शहर महकने लगा है. साथ ही इतर (सुगंधित सेंट) व सुरमा (काजल) आदि से भी दुकानें पट चुकी है.

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