ऑटो चालकों ने अचानक शहर का किया चक्का जाम

सिलीगुड़ी : सिटी ऑटो व टोटो (ई-रिक्शा) के बीच नोंकझोक अब रोजाना की घटना हो गयी है. एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाकर आये दिन आंदोलन करते रहते हैं. जिसका खामियाजा शहरवासियों को भुगतना पड़ता है. सोमवार की शाम भी सिटी ऑटो व टोटो ड्राइवरों में नोंकझोक को लेकर ऑटो चालकों अचानक कर सड़क पर उतर गये. […]

सिलीगुड़ी : सिटी ऑटो व टोटो (ई-रिक्शा) के बीच नोंकझोक अब रोजाना की घटना हो गयी है. एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाकर आये दिन आंदोलन करते रहते हैं. जिसका खामियाजा शहरवासियों को भुगतना पड़ता है. सोमवार की शाम भी सिटी ऑटो व टोटो ड्राइवरों में नोंकझोक को लेकर ऑटो चालकों अचानक कर सड़क पर उतर गये.
शहर के प्रवेश व निकासी का मुख्य केंद्र दार्जिलिंग मोड़ पर ऑटो खड़ा कर चालकों ने आंदोलन शुरू कर दिया. इस आंदोलन की वजह से शाम को करीब तीन घंटे तक शहर में चक्का जाम की स्थिति उत्पन्न हो गयी.
दार्जिलिंग मोड़ से लेकर वीनस मोड़, दार्जिलिंग मोड़ से माटीगाड़ा व दार्जिलिंग मोड़ से चंपासारी गांधी मैदान तक गाड़ियों की लंबी कतारें लग गयी. शहर के चारों तरफ जाम लगने की वजह से यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. हिलकार्ट रोड व माटीगाड़ा की सड़कों पर यात्रियों को पैदल जाते हुये देखा गया. जाम के कारण कई एंबूलेंस घंटों फंसा रहा. इसके अतिरिक्त ट्रेन, लंबी दूरी जाने वाले बसों को पकड़ने वाले यात्रियों को भी भारी परेशानी उठाना पड़ा.
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय राजमार्ग व शहर के मुख्य सड़कों पर टोटो निषेध है. लेकिन इसके बाद भी प्रशासन की आंखो के सामने नियमों की अनदेखी टोटो चालक करते हैं. बेलगाम होकर सड़कों पर दौड़ रहे टोटो को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने टेम्प्रोरी आइडेंटीफिकेशन नंबर (टीआईएन) की एक तरकीब निकाली, लेकिन वह फॉर्मूला भी फेल साबित हो गया. मोटर वाहन एक्ट के अंतर्गत शामिल न होने की वजह से पुलिस प्रशासन टोटो पर हाथ नहीं डाल पा रहा है.
वहीं दूसरी तरफ सिटी ऑटो की ओर से शहर में भारी अनियमितता बरती जा रही है. नियमानुसार एक ऑटो में आठ यात्री व एक चालक सवार होंगे. साथ ही ऑटो चालक का लाइसेंस, गाड़ी का प्रदूषण प्रमाण पत्र व अन्य कागजात भी सटीक होना आवश्यक है. जबकि पुलिस प्रशासन के मुताबिक ही शहर में दौड़ने वाले अधिकांश ऑटो का कागजात ठीक नहीं है.
99 प्रतिशत ऑटो का प्रदूषण फेल हो चुका है. कानून को अंगूठा दिखाकर फिर भी ऑटो दौड़ रहे हैं. ऑटो व टोटो चालकों के नोंक-झोंक से तंग आकर ट्राफिक पुलिस ने दोनों पर हाथ डालना छोड़ दिया था. एक तहर से कहा जाए को ऑटो व टोटो के साथ प्रशासन ने समझौता कर लिया था. क्योंकि दोनों के बीच होने वाले नोंक-झोंक का एक ही कारण था.
ऑटो चालकों का आरोप है कि सरकार को टैक्स व कागजात सहित नियमानुसार यात्रियों को लेकर चलने के बाद भी पुलिस परेशान करती है. जबकि बिना किसी कागजात के राष्ट्रीय राजमार्ग व मुख्य सड़कों पर दौड़ने वाला टोटो पर हाथ भी नहीं डालती. लेकिन सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस के वर्तमान डिप्टी पुलिस कमिश्नर (ट्राफिक) नागेंद्र त्रिपाठी के बागडोर संभालते ही ट्राफिक व्यवस्था को सुचारू करने पर जोर दिया.
नियम के खिलाफ अधिक यात्रियों को ऑटो में चढ़ाने, प्रदुषण फेल व त्रुटिपूर्ण कागजात वाले ऑटो के खिलाफ अभियान शुरू किया. पुलिस के इसी अभियान के खिलाफ ऑटो चालकों ने सोमवार शाम शहर में चक्का जाम कर दिया. दार्जिलिंग मोड़ पर आंदोलन के लिये उतरे ऑटो चालक विभीषण घोष ने बताया कि बिना कागजात के टोटो एनएच व शहर के मुख्य सड़कों पर दौड़ रहा है, लेकिन सिर्फ दो यात्री अधिक चढ़ाने की वजह पुलिस ने ऑटो चालकों को पांच हजार तक का जुर्माना करना शुरू कर दिया है. ऑटो चालकों ने ऑटो व टोटो दोनों के लिए समान कानूनी कार्यवायी करने की मांग पुलिस प्रशासन से की है. किया है.
इस संबंध में सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस के डीसीपी (ट्राफिक) नागेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि अधिकांश ऑटो का प्रदूषण फेल है. अधिकांश ऑटो गैरकानूनी तरीके से सड़क पर दौड़ रही है. श्री त्रिपाठी ने आगे कहा कि कानून सबके लिए एक समान ही है लेकिन टोटो के खिलाफ सरकार का कोई निर्देश हमारे पास नहीं है. टोटो मोटर वाहन एक्ट के अंतर्गत शामिल नहीं है.

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