दार्जिलिंग : न्यूनतम मजदूरी की मांग को लेकर ज्वाइंट फोरम के नेतृत्व में चाय श्रमिक संगठनों का आंदोलन जारी है. इस बीच, गुरुवार को श्रमिक संगठनों के उत्तरकन्या चलो अभियान रैली को प्रशासन ने सोनादा में रोक दिया. उल्लेखनीय है कि इस रैली में रम्बुक, सिरडर, मुंडा, बांसघारी चाय बागानों के करीब एक हजार से अधिक श्रमिक शामिल हुए. यह रैली नसोनादा बाजार से करीब आठ किलोमीटर नीचे के चाय बागानों से रैली निकाली गई थी जिसे पुलिस ने सोनादा बाजार से नीचे गैरेज लाइन पर रोक दिया.
इसकी जानकारी देते हुए ज्वाइंट फोरम के प्रवक्ता सुनील राई ने बताया कि रैली रोक दिये जाने पर ज्वाइंट फोरम ने गैरेज लाइन पर ही पथसभा का आयोजन किया. पथसभा को अमर लामा, जेबी तमांग ने संबोधित किया. ज्वाइंट फोरम के प्रवक्ता सुनील राई ने बताया कि पथसभा के जरिये राज्य सरकार को न्यूनतम मजदूरी की घोषणा 15 अगस्त के भीतर कर देने की चेतावनी दी गई है. अगर ऐसा नहीं किया गया, तो फोरम वृहद आंदोलन की दिशा में कदम बढ़ायेगा.
ज्वाइंट फोरम के नेतृत्व में काफी दिनों से चाय श्रमिक संगठन आंदोलन कर रहे हैं
न्यूनतम मजदूरी को लेकर किये जा रहे आंदोलन के क्रम में पिछले छह अगस्त को सिलीगुड़ी की उत्तरकन्या में राज्य सरकार, बागान मालिक और श्रमिक संगठनों के बीच त्रिपक्षीय वार्ता की गई. लेकिन यह बातचीत 172 रुपये की मजदूरी के मसले पर जाकर फंस गई. उसके बाद फिर सिलीगुड़ी के कृषि भवन में दूसरे चरण की बैठक सात अगस्त को की गई.
लेकिन उसमें भी कोई समाधान सूत्र नहीं निकला. उसके बाद ही ज्वाइंट फोरम ने चाय बागानों में तीन दिवसीय हड़ताल की घोषणा कर दी. इसी क्रम में आज उत्तरकन्या चलो अभियान रैली का आयोजन किया गया था जिसे प्रशासन ने सोनादा में ही रोक दिया.
