सिलीगुड़ी : इस बार डेंगू के बदले चिकनगुनिया सिलीगुड़ी में पांव पसार रहा है. बुधवार को सिलीगुड़ी शहर के स्टेशन फीडर रोड इलाके में चिकनगुनिया का मामला सामने आते ही खलबली मच गयी है. सिलीगुड़ी नगर निगम व स्वास्थ्य विभाग की भी बेचैनी बढ़ गयी है. एसएफ रोड इलाके में करीब 31 लोगों के चिकनगुनिया के चपेट में आने की संभावना जतायी जा रही है. दो लोगों की जांच रिपोर्ट में चिकनगुनिया साबित भी हो चुका है.
जानकारी के अनुसार, एसएफ रोड इलाके में चिकनगुनिया का मामला सामने आया है. कौशिक राय के परिवार में आठ लोग तेज बुखार से पीड़ित हैं. इनमे से दो लोगों की जांच में चिकनगुनिया पॉजिटिव निकला. बाकी छह लोगों में भी चिकनगुनिया के लक्षण पाये गये हैं. इसके साथ ही आसपास के करीब 31 लोग बुखार से पीड़ित पाये गये हैं. इनमें भी चिकनगुनिया के लक्षण मिले हैं. दो लोगों की जांच में चिकनगुनिया साबित होने पर बाकी बुखार पीड़ितों और इलाके में आतंक है. डेंगू की तरह चिकनगुनिया रोग का वाहक भी मच्छर ही है. चिकनगुनिया का मामला सामने आते ही सिलीगुड़ी नगर निगम के चिकित्सक भी इलाके में पहुंच कर बुखार से पीड़ित लोगों की स्वास्थ जांच कर रिपोर्ट तैयार करने में लगे हैं. निगम प्रशासन के साथ स्वास्थ्य विभाग इलाके पर लगातार नजर बनाये हुए है.
दार्जिलिंग जिला मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी प्रलय आचार्य ने बताया कि मीडिया से ही उन्हें सिलीगुड़ी में चिकनगुनिया मामले की जानकारी मिली है. उन्होंने मरीजों व शहरवासियों को धैर्य रखने की सलाह दी है. उन्होंने कहा कि स्वास्थ विभाग की टीम इलाके का मुआयना करेगी. साथ ही मरीजों की जांच भी की जायेगी. बुखार से पीड़ित मरीजों का एलाइजा टेस्ट शीघ्र कराने की भी व्यवस्था की जायेगी. मरीजों को बेहतर चिकित्सा परिसेवा मुहैया कराने का भी आश्वासन उन्होंने दिया है.
क्या कहते हैं विशेषज्ञ
सिलीगुड़ी के जाने-माने चिकित्सक नेवटिया अस्पताल के डॉ कृष्णेंदु दे ने बताया कि चिकनगुनिया में बुखार के साथ मरीज के शरीर में काफी दर्द होता है. शरीर के प्रत्येक जोड़ में दर्द रहता है और कभी -कभी जोड़ सूज भी जाते हैं. यह भी डेंगू की तरह वेक्टर बॉन्ड रोग है, लेकिन इसमें जान का खतरा बहुत कम है. उन्होंने बताया कि चिकनगुनिया में डेंगू की तरह शॉक सिन्ड्रोम व अन्य खतरे की आशंका काफी कम होती है. मरीजों को या आम शहरवासियों को फिलहाल घबराने की आवश्यकता नहीं है, पर मच्छरों से सावधान रहने की जरूरत है. आमतौर पर बुखार के लिए लोग पैरासिटामॉल या डिस्प्रिन आदि टैबलेट का उपयोग करते हैं. हल्का बुखार होने पर पैरासिटामॉल टेबलेट का इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन फौरन से डाक्टर से संपर्क करना आवश्यक है.
