सिलीगुड़ी : भूमाफिया के आतंक से परेशान एसजेडीए ने भी अपनी खाली पड़ी जमीनों को खोज निकाला है. अब इस जमीन को अपने कब्जे में लेने की कवायद भी तेज कर दी गयी है. बेकार पड़ी जमीन का उपयोग कर अपनी आय बढ़ाने का निर्णय सिलीगुड़ी जलपाईगुड़ी विकास प्राधिकरण (एसजेडीए) ने लिया है.
पिछले 10 वर्षों से एसजेडीए की करीब 50 एकड़ जमीन बेकार पड़ी हुयी थी. पिछले छह महीने की मशक्कत के बाद एसजेडीए ने बेकार पड़ी जमीनों को ढूंढ़ निकाला है. इन जमीनों के माध्यम से सिलीगुड़ी व जलपाईगुड़ी में उद्योग व रोजगार बढ़ाने का निर्णय लिया गया. इससे एसजेडीए की आय में भी बढ़ोत्तरी होगी.
मंगलवार दोपहर एसजेडीए के चेयरमैन सौरभ चक्रवर्ती हाशमी चौक स्थित पीडब्ल्यूडी बंग्लो में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने बताया कि एसजेडीए की करीब 50 एकड़ जमीन सिलीगुड़ी व इसके आस-पास तथा जलपाईगुड़ी शहर में बेकार पड़ी हुयी है. पिछले दस वर्षों की इन जमीनों का कोई अता-पता भी नहीं था. जिसकी वजह से सिलीगुड़ी, आस-पास व जलपाईगुड़ी में उद्योग-धंधे के इच्छुक व्यवसायियों को एसजेडीए जमीन नहीं मुहैया करा पायी.
काफी बड़े-बड़े उद्योगपतियों को वापस होना पड़ा है. श्री चक्रवर्ती ने आगे बताया कि करीब छह महीनों की कड़ी मशक्कत के बाद एसजेडीए की जहां तहां पड़ी करीब 50 एकड़ जमीन को ढूंढ़ निकाला गया है. कुछ जमीनो पर अवैध कब्जा जमा लिया गया था तो कहीं अवैध कब्जे की कोशिश जारी थी. अवैध रूप से बसे लोगों को समझा-बुझा कर, मुआवजा व पुनर्वास की व्यवस्था कर जमीनों को फिर से हासिल किया गया है. इन जमीनों को ई टेंडर के जरिए लीज पर देकर उद्योग लगाने का निर्णय लिया गया है.
नये सिरे से उद्योग धंधों की होगी स्थापना, लीज के लिए ई-टेंडर जारी करने की योजना
फूलबाड़ी, बागडोगरा, कावाखाली आदि इलाकों में एसजेडीए की काफी जमीन है. मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार शहर व ग्रामीण इलाके की जमीनों को अलग-अलग किया गया है. उद्योगपतियों व व्यवसायियों को सरकारी तौर पर जमीन मुहैया करायी जायेगी. एसजेडीए पेयजल, सड़क संपर्क, जल निकासी व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए प्रथम प्राथमिकता से कार्य कर रही है.
सौंदर्यीकरण को दूसरे स्थान पर रखा गया है. एसजेडीए ने बागडोगरा फ्लाइ ओवर ब्रिज के नीचे व मेडिकल मोड़ से नौकाघाट मोड़ को सजाने का निर्णय लिया है. सौंदर्यीकरण की इन परियोजनाओं को मुख्यमंत्री ने हरी झंडी दे दी है. सिलीगुड़ी हॉकर्स कॉर्नर में कब्जा की गयी एसजेडीए की जमीन को खाली करा लिया गया है. इसके अतिरिक्त चंपासारी, माटीगाड़ा स्थित परिवहन नगर में मार्केट कॉम्प्लेक्स बनाने की योजना है. जलपाईगुड़ी में एक बड़ा मार्केट कॉम्प्लेक्स बनाने के लिए भी संबंधित व्यवसायियों को प्रस्ताव दिया गया है.
सीसीटीवी लगाने का पुलिस ने दिया प्रस्ताव
सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस कमिश्नरेट इलाके को सीसीटीवी में कैद करने के लिए पुलिस कमिश्नर भरत लाल मीणा ने एसजेडीए को प्रस्ताव दिया है. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एसजेडीए ने पुलिस के इस प्रस्ताव को स्वीकार किया है. हांलाकि इसके पहले भी एसजेडीए ने सिलीगुड़ी शहर में 60 कैमरे लगाये थे. उन सीसीटीवी कैमरों की गुणवत्ता को लेकर कई सवाल खड़े हो चुके हैं. वर्ष 2012 में 200 करोड़ के एसजेडीए घोटाले में सीसीटीवी भी एक विषय था.
एसजेडीए के चेयरमैन सौरभ चक्रवर्ती ने बताया कि पुलिस कमिश्नर ने कमिश्नरेट इलाके को सुरक्षा के दृष्टिकोण से सीसीटीवी लगाने का प्रस्ताव दिया है. सीसीटीवी लगाने के लिए पुलिस व एसजेडीए संयुक्त रूप से सर्वे कर रही है. इसके बाद ई टेंडर के जरिए कार्य किया जायेगा. सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस कमिश्नरेट इलाके के मुख्य सड़कों से लेकर हर गली, चौराहों को सीसीटीवी कैमरे में कैद किया जायेगा. निगरानी के लिए कई कंट्रोल रूम भी बनाये जाने का निर्णय लिया गया है.
