बागडोगरा : एसएसबी ने अपने लिए अधिगृहीत जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराने के लिए पहल शुरू कर दिया है. इसके लिए मंगलवार को जमीन की नपाई का काम शुरू किया गया. बागडोगरा थाना से विशाल पुलिस बल के साथ नक्सलबाड़ी बीएलआरओ कार्यालय के रेवेन्यू ऑफिसर अजय कुमार मंडल, रेवेन्यू इंस्पेक्टर जिगमे शेर्पा मौके पर पहुंचे. एसएसबी के रानीडांगा कैंप के समीप भरत सिंह मौजा में जमीन की नपाई की गयी.
उल्लेखनीय है कि भरत सिंह मौजा में एक एकड़ 16 डेसीमल जमीन साल 2002 में एसएसबी की ओर से अधिगृहीत की गयी थी. दलाल गिरोह के माध्यम से इस जमीन पर धीरे-धीरे बस्ती बनती जा रही है. अभी करीब 90 फीसदी जमीन पर कब्जा हो चुका है. एसएसबी की ओर से अपनी जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त करने के लिए नपाई शुरू करायी गयी है. रेवेन्यू ऑफिसर ने बताया कि उक्त जमीन पर बसे ज्यादातर लोग कोई उचित दस्तावेज नहीं दिखा पाये हैं.
इधर, जमीन की नपाई को लेकर इलाके में खलबली मच गयी है. हालांकि भारी संख्या में पुलिस बल व एसएसबी के जवानों की उपस्थिति से मामला नियंत्रित रहा. जिन लोगों ने दलालों के हाथों में रुपये देकर इस जमीन पर घर बनाया है उनके माथे पर शिकन आ गयी है. अंजना दास नामक एक निवासी ने बताया कि इलाके के कुछ युवक डेढ़ कट्ठा का प्लॉट बनाकर बेच रहे थे.
उनके पास से सभी ने डेढ़ से दो लाख रुपये में जमीन खरीदी है. कुछ ही लोग हैं, जिन्होंने खुद से जमीन पर कब्जा किया है. इलाके में घूमने से अधिकारियों को समझ में आ गया कि यहां भूमाफिया का राज चल रहा है. लोगों को अब बेघर होने का डर सता रहा है.
