सिलीगुड़ी : वर्तमान केन्द्र सरकार के कामकाज से भारत की जनता पूरी तरह निराश है. इसका ताजा उदाहरण गत 20 तारीख को संसद में मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव था. इसके अलावे जिस उम्मीद के साथ 2014 में देश की जनता ने मोदी सरकार को जिताया था, सरकार उस पर खरा नहीं उतर सकी है.
मंगलवार को सिलीगुड़ी जर्नलिस्ट क्लब में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन के माध्यम से सीपीआइ (एमएल) लिबरेशन के राष्ट्रीय महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने ये बातें कहीं. मंगलावर को ही उन्होंने कार्ल मार्क्स के जन्म की द्विशतवार्षिकी के अवसर पर सिलीगुड़ी के रामकिंकर हॉल में एक चर्चा सभा को बतौर मुख्य वक्ता भी संबोधित किया.
संवाददाता सम्मेलन में श्री भट्टाचार्य ने मोदी सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि आज देशव्यापी मॉब लिंचिंग चल रही है. जब चाहे और जहां चाहे कुछ लोगों की भीड़ लव जिहाद, गौ-तस्करी के नाम पर लोगों को पीटना आरंभ कर देती है. आर्थिक मोर्चे पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि भारत की पूरी बैंकिंग प्रणाली घोटाले का शिकार है. सभी सरकारी बैंकों का पैसा विजय माल्या, नीरव मोदी जैसे पूंजीपति वर्ग के हवाले है. इन सब को देखते हुए भारत में रोष बढ़ रहा है.
उन्होंने राज्य सरकार पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि एक ओर बंगाल में लोकतंत्र का हनन हो रहा, तो दूसरी ओर राज्य की मुख्यमंत्री राष्ट्रीय स्तर पर लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई में सारथि बनने का प्रयास कर रही हैं. असम के एनआरसी मुद्दे पर श्री भट्टाचार्य ने बताया कि जो फाइनल ड्राफ्ट आया है, उसमें 40 लाख लोगों के नाम हटा दिये गये है. इसमें ज्यादातर बांग्लाभाषी लोग हैं.
यह मसला सिर्फ असम के लोगों के लिए नहीं, बल्कि पूरे भारत के लोगों के लिए चिंता का विषय है. उन्होंने संगठन की ओर से एनआरसी में कई सुधार की मांग की है.
पार्टी के सामने मौजूद विभिन्न विषयों को लेकर आगामी बुधवार को सिलीगुड़ी महकमा परिषद हॉल में एक कार्यकर्ता सभा का आयोजन किया गया है. इसमें उत्तर बंगाल के सात जिलों से पार्टी के कार्यकर्ता व समर्थक हिस्सा लेंगे. संवाददाता सम्मेलन में पार्टी के की ओर से कार्तिक पाल व अन्य उपस्थित थे.
