बिना नोटिस ग्रासमोड़ चाय बागान से भागा प्रबंधन

नागराकाटा : जलपाईगुड़ी जिले के नागराकाटा ब्लॉक स्थित ग्रासमोड़ चाय बागान का प्रबंधन बिना कोई नोटिस दिये फिर बागान छोड़कर चला गया है. मंगलवार की सुबह जब श्रमिक काम पर पहुंचे तो इस बारे में पता लगते ही उत्तेजित हो उठे. उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग को अवरुद्ध कर दिया. प्रबंधन के भागने से बागान के 1225 […]

नागराकाटा : जलपाईगुड़ी जिले के नागराकाटा ब्लॉक स्थित ग्रासमोड़ चाय बागान का प्रबंधन बिना कोई नोटिस दिये फिर बागान छोड़कर चला गया है. मंगलवार की सुबह जब श्रमिक काम पर पहुंचे तो इस बारे में पता लगते ही उत्तेजित हो उठे. उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग को अवरुद्ध कर दिया. प्रबंधन के भागने से बागान के 1225 चाय श्रमिकों का भविष्य अंधकारमय हो गया है. सुबह आठ से लेकर 11 बजे तक चले पथावरोध से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गयी.
श्रमिकों का कहना था कि जल्द से जल्द प्रबंधक को पकड़कर लाया जाये और काम शुरू हो. साथ ही बकाया मजदूरी का तुरंत भुगतान हो. बाद में नागराकाटा थाना प्रभारी सैकत भद्र ने घटनास्थल पर पहुंचकर आंदोलनकारियों से बातचीत की और अवरुद्ध सड़क को खुलवाकर यातायात सुचारू किया.
गौरतलब है कि ग्रासमोड़ चाय बागान में पिछले कुछ महीनों से मालिक और श्रमिकों के बीच बकाया मजदूरी को लेकर झमेला चल रहा था. श्रमिकों का कहना है कि गत 3 जुलाई को भी बकाया मजदूरी नहीं दे पाने के कारण प्रबंधन इसी तरह बागान छोड़कर भाग गया था. बाद में 20 जुलाई को त्रिपक्षीय वार्ता में श्रमिकों को दो किस्तों में और बाबू स्टाफ को एक महीने का वेतन प्रदान करने का समझौता हुआ. 24 जुलाई को पहली किस्त का भुगतान किया जाना था, लेकिन इससे ठीक पहले रात के अंधेरे में प्रबंधन बागान छोड़कर चला गया.
ग्रासमोड़ तृणमूल चाय श्रमिक संगठन के यूनिट अध्यक्ष अनूप लकड़ा, सचिव राजू घले, भाजपा चाय श्रमिक संगठन के यूनिट अध्यक्ष प्रेमकुमार भुजेल ने एक सुर में कहा कि हमारे चाय बागान में श्रमिकों का छह बार का वेतन बकाया है, बाबू स्टाफ का दो महीना का वेतन बाकी है. पीएफ, ग्रेच्युटी, बोनस की एक किस्त को मिलाकर मालिक एक करोड़ रुपये के करीब भुगतान करना है. बागान को बचाने के लिए हमारे श्रमिक भूखे रहकर काम कर रहे हैं. अब दुकानदारों ने उधार देना बंद कर दिया है. हमारे बच्चों के भविष्य पर असर पड़ रहा है. इसलिए मजबूर होकर सड़क अवरोध किया है. प्रशासन जल्द से जल्द इस विषय पर कोई ठोस कदम उठाये.
नागराकाटा ब्लॉक तृणमूल अध्यक्ष एवं चाय श्रमिक नेता अमरनाथ झा ने कहा कि इस तरह श्रमिकों को समस्या मे डालकर जाना ठीक नही है. श्रम विभाग से इस बारे में बात की जा रही है. उन्होंने जल्द समस्या समाधान की उम्मीद जतायी.
मालिक भागता है तो सरकार बागान का अधिग्रहण करे: बरला
डुआर्स के भाजपा के श्रमिक नेता जॉन बरला ने कहा कि यह बहुत दुखद घटना है. आज डुआर्स के सभी चाय बागानों की यही हालत है. अगर कोई मालिक बागान छोड़कर भाग जाता है तो कम्पनी का लीज रद्द कर उस बागान का सरकार अधिग्रहण करे. माल महकमा शासक सियाद एन ने कहा कि ग्रासमोड़ चाय बागान की घटना की खबर हमें मिली है. बागान में कई महीनों की मजदूरी बकाया है, इसलिए वहां स्पेशल जीआर की व्यवस्था की जायेगी. बागान का सुचारु संचालन किया जाये, इस पर हमारा ध्यान है. बागान प्रबंधन से संपर्क कर जल्द ही माल के श्रम विभाग दफ्तर में एक बैठक आयोजित की जायेगी.

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