दार्जिलिंग : जेल से रिहा हुए गोरखा जनमुक्ति युवा मोर्चा (गोजयुमो) नेता भीम सुब्बा ने मोर्चा के नये नेतृत्व विनय तमांग और अनित थापा के प्रति आभार प्रकट किया है. 2017 में गोरखालैंड आंदोलन के दौरान भीम सुब्बा गोजयुमो की गोक समष्टि के अध्यक्ष और केंद्रीय कमेटी सदस्य थे. उनके विरुद्ध कई धाराओं में मामला दर्ज था. 8 अक्तूबर 2017 को पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था.
जेल से रिहा होने के बाद भीम सुब्बा मंगलवार को दार्जिलिंग प्रेस गिल्ड में पत्रकारों से रूबरू हुए. उन्होंने कहा कि 2017 में जो गोरखालैंड आंदोलन हुआ उसका नेतृत्व करनेवालों के गलत दिशा-निर्देश करने के कारण विफलता हाथ लगी. उनकी गलतियों का खमियाजा हम लोगों को भुगतना पड़ा. पिछले साल के आंदोलन के दौरान ढाई सौ से अधिक लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया, जिसमें मैं भी शामिल था. पहले करीब छह महीने मुझे सिलीगुड़ी जेल में रखा. इसके बाद दार्जिलिंग जेल लाया गया. बीते 11 जुलाई को विनय तमांग और अनित थापा मदद से मैं रिहा हुआ, जिसके लिए मैं आभार प्रकट करता हूं.
इस मौके पर गोजमुमो के केंद्रीय प्रवक्ता अरुण छेत्री ने पत्रकारों को बताया कि एक-दो दिन में मोर्चा केंद्रीय कमेटी की बैठक होगी. श्री छेत्री ने कहा कि इस बैठक में भीम सुब्बा को पार्टी कोई पदभार सौंपेगी.
