चामुर्ची : इन दिनों बाढ़ के संकट के चलते चामुर्ची हाट पर आर्थिक संकट के बादल छा रहे हैं. भूटान की पहाड़ी नदियों में बाढ़ आने के चलते भूटान के नागरिक चामुर्ची के साप्ताहिक हाट में नहीं आ पा रहे हैं. इसलिए चामुर्ची हाट के दुकानदार इन दिनों मंदा की चपेट में हैं. उल्लेखनीय है कि प्रत्येक बुधवार और रविवार को लगने वाली चामुर्ची हाट भूटान के खरीददारों पर ही अधिकतर निर्भर है.
उल्लेखनीय है कि भारत-भूटान के सीमावर्ती इलाकों के कई पुल और सड़कें ध्वस्त हो गई हैं. इसलिए भूटान की तरफ से ग्राहक नहीं आ पा रहे हैं. रविवार को चामुर्ची हाट में दुकानदारों को खाली बैठे हुए देखा गया. दैनिक जरूरत की चीजें जैसे हरी सब्जी, आलू, प्याज और मटर बेचने वाले दुकानदार ग्राहकों की बाट जोहते हुए देखे गये. कई दुकानदार मोबाइल फोन पर समय बीतते हुए दिखे. स्थानीय सब्जी बिक्रेता प्रेम साह बताते हैं कि अन्य साल की अपेक्षा इस बार बरसात के चलते बाजार बेहद मंदा है.
जबकि पिछले साल उन्हें खाने-पीने की फुर्सत नहीं होती थी. उन्होंने बताया कि आने-जाने की समस्या के चतले भूटानी नागरिक अपने घर में उगायी गई साग-सब्जियों से ही काम चला रहे हैं. रविवार को चामुर्ची हाट के मछली बाजार में भी सन्नाटा देखा गया. दुकानदारों का कहना है कि हरी साग-सब्जी की बिक्री में इतनी कमी पहली बार देखी गई है.
