जीएसटी के बाद सोना की तस्करी में बढ़ोत्तरी

सिलीगुड़ी : सोना तस्करी के लिए सिलीगुड़ी कोरीडोर काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. तस्करों के लिए भी सिलीगुड़ी आसान मार्ग है. इसलिए इस कोरीडोर से सोने के कई खेप पार किये गये हैं. डीआरआई सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पिछले एक वर्ष में कुल 440 किलो सोना जब्त किया गया है. पिछले एक महीने […]

सिलीगुड़ी : सोना तस्करी के लिए सिलीगुड़ी कोरीडोर काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. तस्करों के लिए भी सिलीगुड़ी आसान मार्ग है. इसलिए इस कोरीडोर से सोने के कई खेप पार किये गये हैं. डीआरआई सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पिछले एक वर्ष में कुल 440 किलो सोना जब्त किया गया है. पिछले एक महीने में ही 54 किलो सोना डीआरआई ने जब्त किया है.

बीते 1 जून को 32 किलो सोना जब्त किया गया था. इसके बाद 27 जून को 2 किलो, 8 जुलाई को 10 किलो और बुधवार को 10 किलो 490 ग्राम सोना डीआरआई ने जब्त किया है. इस आंकड़े से अंदाजा लगाया जा सकता है कि कितनी सघनता से सोने की तस्करी हो रही है और कितना सोना तस्करी किया जा चुका है. व्यापारियों की माने को जीएसएटी के लागू होने के बाद से सोने की तस्करी और बढ़ गयी है.

सुरक्षा घेरे को तोड़ने का क्या है रहस्य
तस्करी का अधिकांश सोना चीन से होकर म्यांमार के रास्ते भूटान से सिलीगुड़ी होते हुए आगे निकाला जाता है. तस्करी के लिए कई अंतराष्ट्रीय सीमाओं को भी पार किया जाता है. सीमांत पर मेटल डिटेक्टर मशीन के अलावा भी विभिन्न प्रकार के कई हाइटेक मशीनों से जांच करने के बाद भी तस्कर सोना को पार कर लेते हैं. विशेषज्ञों की माने को मेटल डिटेक्टर मशीन धातु की उसी सामान को डिटेक्ट कर पाता जिसका स्पर्श शरीर से होता है.
इसलिए सोने को जूते के सोल व बेल्ट में चिपका कर लाया जाता है. जूते के सोल का पिछला भाग शरीर से स्पर्श नहीं होता है. सोल के पिछले भाग में सोने के बार को रखने को लिए स्थान बनाया जाता है. इसके अतिरिक्त बेल्ट को कपड़े से उपर से लगाया जाता है, जिसकी वजह से बेल्ट में चिपका सोना भी पकड़ में नहीं आता है. डीआरआई की तत्परता और खुफिया टीम की सहायता से ही मिली जानकारियों के आधार पर तस्करी के सोने को जब्त किया जा रहा है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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