जलपाईगुड़ी : न्यूनतम मजदूरी की दीर्घ लंबित मांग को लेकर चाय श्रमिकों ने आर-पार की लड़ाई शुरू करने का निर्णय ले लिया है. इसको लेकर 23 चाय श्रमिक संगठनों के संयुक्त मंच ज्वाइंट फोरम की तरफ से 23, 24 और 25 जुलाई को पहाड़ के अलावा डुवार्स और तराई क्षेत्र के चाय बागानों में हड़ताल का आह्वान किया गया है. हड़ताल के अलावा 25 जुलाई को उत्तर बंगाल में बंद यानि आम हड़ताल का भी आह्वान ज्वाइंट फोरम ने किया है. हड़ताल को लेकर इस बीच विभिन्न चाय श्रमिकों ने प्रचार अभियान शुरू कर दिया है.
जानकारी अनुसार, सोमवार की सुबह जलपाईगुड़ी शहर संलग्न डेंगुआझाड़ चाय बागान सहित अन्य बागानों में भी चाय श्रमिक संगठनों ने संयुक्त रूप से प्रचार किया. फोरम के सूत्र के मुताबिक हड़ताल को लेकर चाय बागानों के प्रबंधन को नोटिस दिया गया है. इसमें प्रबंधन से अविलंब न्यूनतम मजदूरी चालू करने, श्रमिकों को जमीन का पट्टा मुहैया कराने, राशन व्यवस्था को सुदृढ़ करने, श्रमिक आवासों की मरम्मत करने, स्वास्थ्य सेवा को उन्नत बनाने सहित चाय श्रमिकों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार लाने के लिए ठोस कदम उठाये जाने की मांग की गई है. ज्वाइंट फोरम के नेताओं ने बताया कि आगामी 12 व 15 जुलाई को चाय श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी समेत अन्य मांगों को लेकर त्रिपक्षीय वार्ता बुलाई गई है. अगर यह वार्ता फलदाय नहीं होती है तो आने वाले दिनों में ज्वाइंट फोरम वृहद आंदोलन के लिए बाध्य होगा.
ज्वाइंट फोरम ने एएलसी को सौंपा ज्ञापन
दार्जिलिंग : पूर्व घोषणा के तहत ज्वाइंट फोरम ने सोमवार को कर्सियांग के सहायक श्रमायुक्त (एएलसी) नील छेत्री को ज्ञापन सौंपा गया. चाय श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी की मांग लेकर ज्वाइंट फोरम पिछले काफी दिनों से आन्दोलन करते आ रहा है. फोरम ने चल रहे आन्दोलन को और तेज करने के लिये पिछले कुछ दिनों पहले एएलसी को ज्ञापन सौंपने और विरोध प्रदर्शन करने आदि जैसे कार्यक्रमों को घोषणा की थी, जिसके तहत आज कर्सियांग एएलसी नील छेत्री को ज्ञापन सौंपा गया.
इससे पहले ज्वाइंट फोरम के नेतृत्व में शहर में एक रैली निकाली गयी जो एएलसी कार्यालय पहुंची जहां चाय श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा. इस दौरान ज्वाइंट फोरम के संयोजक जेवी तमांग, प्रवक्ता सुनील राई, अमर लामा, केवी सुब्बा सहित ज्वाइंट फोरम के सभी सदस्य उपस्थित थे. इसी तरह से कल मंगलवार को ज्वाइंट फोरम की ओर से दार्जिलिंग के एएलसी को ज्ञापन दिया जायेगा.
उल्लेखनीय है कि कुछ दिनों पहले यहां गोर्खा दुख निवारक सम्मेलन भवन में ज्वाइंट फोरम की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई थी जिसमें न्यूनतम मजदूरी की मांग को लेकर ज्वाइंट फोरम ने 16 जुलाई को दार्जिलिंग जनचेतना कार्यक्रम करने वाला है और 17 जुलाई को सिलीगुड़ी की उत्तरकन्या में सम्पन्न होने जा रही त्रिपक्षीय वार्ता फलदायक नहीं होने पर 23 जुलाई से 25 जुलाई तक तैयार किये गये चाय के पैकेटों को रोका जायेगा और 24 जुलाई से 25 जुलाई दार्जिलिंग शहर में धरना-प्रदर्शन करने की घोषणा की गई है.
