कारीगरों के लिए भी सहारा बनी सबुज साथी योजना

कालियागंज : सबुज साथी योजना अंतर्गत स्कूली विद्यार्थियों को साइकिल देने की योजना जहां एक तरफ स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति को बढ़ा रही है, वहीं वह कन्याश्री योजना अंतर्गत लाभान्वित बेटियों के पिता को रोजगार भी प्रदान कर रहा है. रविवार को उत्तर दिनाजपुर जिले के कालियागंज बीडीओ ऑफिस परिसर में कई साइकिल कारीगर […]

कालियागंज : सबुज साथी योजना अंतर्गत स्कूली विद्यार्थियों को साइकिल देने की योजना जहां एक तरफ स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति को बढ़ा रही है, वहीं वह कन्याश्री योजना अंतर्गत लाभान्वित बेटियों के पिता को रोजगार भी प्रदान कर रहा है. रविवार को उत्तर दिनाजपुर जिले के कालियागंज बीडीओ ऑफिस परिसर में कई साइकिल कारीगर विभिन्न पूर्जों से नयी साइकिल तैयार करते देखे गये. इन्हीं कारीगरों में एक वैद्यनाथ राय ने बताया कि वह पेशे से साइकिल मिस्त्री हैं.
साइकिल की दुकान कर वह किसी तरह संघर्ष करते हुए अपने परिवार की परवरिश कर रहे थे. उनकी बेटी भी कई साल पहले पैदल ही कई किलोमीटर यात्रा कर स्कूल जाती थी. ऐसे में कभी-कभी वह गैरहाजिर भी हो जाती थी. लेकिन सबुज साथी योजना के तहत उसे साइकिल मिलने के बाद वह नियमित रूप से अपने स्कूल जाती है. उसके बाद इस योजना ने उन्हें कमाई का एक अतिरिक्त जरिया भी दे दिया है. वह प्रशासन की तरफ से बीडीओ ऑफिस परिसर में नयी साइकिल तैयार करते हैं.
प्रतिदिन वह आठ से लेकर नौ साइकिल तैयार कर लेते हैं. इसके लिए सरकार की तरफ से उन्हें प्रति साइकिल 50 रुपये के हिसाब से हर रोज 450 रुपये की कमाई हो जाती है. सबुज साथी योजना ने उन्हें दोहरा लाभ दिया है. एक तो उनकी बेटी साइकिल से नियमित रूप से स्कूल जाती है और दूसरे उनकी आर्थिक स्थिति भी पहले से काफी बेहतर हो गई है.
एक अन्य युवा कारीगर ने बताया कि वह प्रतिदिन 12 से लेकर 14 साइकिल बनाते हैं. प्रतिदिन उन्हें 600 से लेकर 700 रुपये की कमाई होती है. साइकिल मरम्मत करने का उनका पैतृक व्यवसाय रहा है. उन्होंने भी माध्यमिक पास करने के बाद धनकौल में साइकिल की दुकान खोली थी, लेकिन उससे बहुत ज्यादा आय नहीं होती थी. लेकिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सबुज साथी योजना के तहत साइकिल वितरण के जरिये उन्हें भी अच्छी खासी आय हो रही है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >