रायगंज : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सबुज साथी योजना से राज्य में स्कूल ड्रॉप-आउट की संख्या में काफी गिरावट दर्ज की गयी है. उल्लेखनीय है कि इस योजना के तहत स्कूली विद्यार्थियों में साइकिल का वितरण किया गया है. अभी भी यह क्रम जारी है. इस योजना के तहत जहां कई साइकिल के कारीगरों को अतिरिक्त आय का जरिये मिल गया है और उनकी आर्थिक दशा में सुधार हो रहा है
वहीं, स्कूली विद्यार्थियों में स्कूलों में उपस्थिति बढ़ने के साथ ही बीच में स्कूल छोड़ने की दर में काफी कमी आयी है. इससे सर्वाधिक रुप से ग्रामीण अंचलों के अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग के विद्यार्थी लाभान्वित हुए हैं. जानकारों का यह भी मानना है कि सबुज साथी योजना के तहत राज्य की आर्थिक विकास दर में भी इजाफा हुआ है.
शिक्षा विभाग के सूत्र के अनुसार राज्य के कुल 40 हजार 218 गांवों में माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर के स्कूलों की संख्या क्रमश: 9 हजार 242 और 6 हजार 500 हैं. गांव से पांच किमी की दूरी पर स्थित माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों की संख्या 6004 और 11 हजार 570 है. बाकी से स्कूलों की दूरी और ज्यादा है.
उत्तर दिनाजपुर जिला प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार सबुज साथी योजना के तहत साइकिल वितरण के चलते शैक्षिक रुप से पिछड़े जिलों में कई साल से स्कूल ड्रॉप आउटों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आयी है. इनका कहना है कि पहले दूरी के चलते कई बार विद्यार्थी अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ देते थे. लेकिन सबुज साथी योजना के तहत साइकिल मिलने से अब पांच किमी दूर वाले स्कूलों में भी विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ने के साथ ही ड्रॉपआउटों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आयी है. इसलिये माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री की सबुजसाथी योजना काफी हद तक सफल रही है.
