दार्जिलिंग : तकदाह-तीस्ता वैली समष्टि के तीस्ता वैली स्थित सार्वजनिक भवन में रविवार को गोरामुमो की एक बैठक डीके सुब्बा की अध्यक्षता में हुई, जिसमें एक बार फिर पहाड़ पर संविधान की छठी अनुसूची लागू करने की मांग दोहरायी गयी. इस सभा में समष्टि प्रमुख सुदेश राई, केन्द्रीय नेतृत्व के प्रभाष्कर ब्लोन, वाई लामा, संजोग गुरुंग, कर्सियांग से आनंद राई, समष्टि सचिव प्रतिम राई, सहसचिव योगेश गुरुंग आदि की खास उपस्थिति रही.
सभा का शुभारंभ पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष सुभाष घीसिंग की तस्वीर के सामने दीप जलाने और खादा अर्पण से किया गया. अपने संबोधन में समष्टि प्रमुख सुदेश राई ने कहा कि पहाड़ की राजनैतिक स्थिति जटिल हो चुकी है. इस जटिलता से छुटकारा छठी अनुसूची से ही मिल सकता है. पहाड़ को बचाने के लिए पहाड़ के सभी राजनैतिक दलों को छठी अनुसूची के समर्थन में सड़क पर उतरना चाहिए.
पार्टी के वरिष्ठ नेता वाई लामा ने अपने संबोधन में सुभाष घीसिंग को दूरदर्शी नेता की संज्ञा देते हुए कहा कि उन्हें पता था कि पहाड़ को हर राजनैतिक समस्या से निकालने के लिए छठी अनुसूचि से बेहतर कोई विकल्प नहीं है. इसीलिए उन्होंने छठी अनुसूची के दस्तावेज पर राज्य और केन्द्र सरकार को समझौता करने पर मजबूर बनाया था. लेकिन पहाड़ का हित नहीं चाहनेवालों के जाल में फंसकर छठी अनुसूची का विरोध किया गया, जिसका खमियाजा आज पहाड़ की जनता भोग रही है.
