कई मकान व सुपारी के पेड़ के तोड़े
बरसात के समय बेघर हुए कई परिवार
मयनागुड़ी/ कालचीनी : मंगलवार देर रात जलपाईगुड़ी जिले के लाटागुड़ी के मीलपाड़ा इलाके में हाथी ने दो मकानों पर हमला किया. वनकर्मियों को बार-बार बुलाने के बाद भी वे मौके पर नहीं पहुंचे. हालांकि वन विभाग का दावा है कि रातभर वनकर्मी गश्त लगाते रहते हैं. मंगलवार रात लगभग 8 बजे से भारी बारिश शुरू हुई.
आधी रात को गोरूमारा जंगल से लाटागुड़ी की राष्ट्रीय सड़क पार करके एक विशाल दंतैल हाथी ने इलाके में प्रवेश किया. इलाकावासी शुभ्र दे सोने गये ही थे कि विकट आवाज होने लगी. उसे समझ आ गया कि घर में गजराज का प्रवेश हुआ है. हाथी ने आंगन में लगे सुपारी के पेड़ को तोड़ डाला. सुपारी का पेड़ उनके टीन के घर पर गिरा. जिससे टीन टूटकर अंदर पानी चूने लगे.
घर से कुछ ही दूरी पर लाटागुड़ी बीट ऑफिस में कई बार फोन किया गया. लेकिन वन कर्मी वहां नहीं पहुंचे. इसके बाद हाथी ने पास में ही वनकर्मी जीवन नंदी का गेट तोड़ दिया. तड़के लगभग तीन बजे वन विभाग के रामसाई एलिफेंट स्क्वॉड के वनकर्मियों ने पहुंचकर हाथी को जंगल वापस भेजा. वनाधिकारियों का कहना है कि कर्मचारियों के अभाव में समय पर वनकर्मी भेजने में परेशानी हो रही है.
वहीं दूसरी ओर, अलीपुरद्वार जिले के कालचीनी ब्लॉक में दलसिंहपाड़ा चाय बागान के चर्च लाइन में हाथी ने आतंक मचा रखा है.बीती रात हाथियों ने इलाके के पांच घरों को तोड़ डाला. घर में रखे चावल, आंटा आदि राशन को चट कर गये. किसी तरह जान बचाकर लोग घरों से भागे. इनलोगों का भी आरोप है कि वन विभाग को बार-बार सूचना देने के बावजूद कोई भी हाथी खदेड़ने नहीं आया. इलाकावासियों का कहना है कि भरी बरसात में घर टूट गया है, अब बच्चों को लेकर कहां जायें.
