सिलीगुड़ी : उत्तर बंगाल के विभिन्न चाय बागानों में काम करने वाले श्रमिकों और कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर एक बार फिर से राज्य सरकार की ओर से त्रिपक्षीय बैठक बुलाई जा रही है. इसमें करीब-करीब सभी चाय श्रमिक यूनियन के नेताओं को आमंत्रित किया गया है. इसके अलावा इस बैठक में चाय बागान मालिकों के संगठनों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहेंगे.
बैठक की अध्यक्षता राज्य सरकार के लेबर कमिश्नर जावेद अख्तर करेंगे. मिली जानकारी के अनुसार कल बुधवार को 2:30 बजे के आसपास राज्य मिनी सचिवालय उत्तरकन्या में यह बैठक होगी. इसके लिए सभी पक्षों को सूचना दे दी गई है. श्रम विभाग द्वारा मिली जानकारी के अनुसार चाय बागान मालिकों के नौ संगठन के प्रतिनिधियों को बैठक में आमंत्रित किया गया है.
जबकि चाय श्रमिक संगठन के 33 यूनियन के नेताओं को बैठक में शामिल होने के लिए कहा गया है. अब यह बैठक कितनी सफल होगी इसको लेकर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है. हालांकि सूत्रों के अनुसार इस बैठक में चाय श्रमिकों के न्यूनतम वेतन को लेकर कोई बातचीत नहीं की जाएगी. इसमें मुख्य रूप से चाय श्रमिकों तथा चाय बागान में काम करने वाले अन्य कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं को लेकर बातचीत की जाएगी.
दूसरी ओर चाय श्रमिक ट्रेड यूनियन के नेता न्यूनतम वेतनमान निर्धारित करने की अपनी मांग पर अड़े हुए हैं. इससे पहले भी इस मांग को लेकर कई दौर की बैठक हो चुकी है. लेकिन उसका कोई लाभ नहीं हुआ. सभी बैठकर फेल साबित हुई. एक बार फिर बैठक हो रही है. चाय श्रमिकों की निगाहें इस बैठक पर टिकी हुई है. अधिकांश चाय श्रमिक यूनियन के नेता इस बैठक में शामिल हो रहे हैं. इधर चाय श्रमिक यूनियनों के संयुक्त फोरम के नेता तथा पूर्व सांसद समन पाठक ने कहा है कि राज्य सरकार ने इस बैठक को बुलाया है.
राज्य सरकार इसमें अपने एजेंडे पर बातचीत करेगी. लेकिन उनकी मुख्य मांग चाय श्रमिकों की न्यूनतम वेतन निर्धारित करने की है . वह लोग इस बैठक में इस मांग को जोरदार तरीके से रखेंगे. श्री पाठक ने कहा कि चाय बागानों की समस्याएं दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है. अब तक चाय श्रमिकों का न्यूनतम वेतन निर्धारित नहीं हुआ है और उनकी राशन व्यवस्था भी बंद कर दी गई है.
वह लोग चाय बागान में फिर से राशन व्यवस्था चालू करने की मांग करेंगे. इसके अलावा बंद चाय बागानों को खोलने की मांग भी प्रमुखता के साथ उठाएंगे. श्री पाठक ने आगे कहा कि राज्य सरकार तथा चाय बागान मालिकों को इसी साल न्यूनतम वेतनमान पर कोई ना कोई फैसला कर लेना होगा. इससे पहले की बैठक में चाय श्रमिकों की दैनिक मजदूरी थोड़ी बहुत बढ़ा दी जाती है. इससे समस्या का समाधान होने वाला नहीं है. पिछली बार की बैठक में दैनिक मजदूरी में थोड़ी वृद्धि की गई.उनकी मुख्य मांग न्यूनतम वेतन निर्धारित करने की है.
