सिलीगुड़ी : शहर के कचरे को खाद में बदलने की तैयारी

सिलीगुड़ी : शहर के कचरे को कम्पोस्ट करके खाद तैयार करने की तैयारी सिलीगुड़ी नगर निगम ने शुरू कर दिया है. राज्य सरकार द्वारा सिलीगुड़ी नगर निगम को प्रदत्त कॉम्पैक्टर मशीन को काम में लगाने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए शनिवार को ट्रायल रन कराया गया. इस मौके पर सिलीगुड़ी नगर निगम के कचरा […]

सिलीगुड़ी : शहर के कचरे को कम्पोस्ट करके खाद तैयार करने की तैयारी सिलीगुड़ी नगर निगम ने शुरू कर दिया है. राज्य सरकार द्वारा सिलीगुड़ी नगर निगम को प्रदत्त कॉम्पैक्टर मशीन को काम में लगाने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए शनिवार को ट्रायल रन कराया गया. इस मौके पर सिलीगुड़ी नगर निगम के कचरा सफाई विभाग के मेयर परिषद मुकुल सेनगुप्ता व निगम के अन्य कर्मचारी उपस्थित थे.
सिलीगुड़ी का डम्पिंग ग्राउंड कचरे से भर चुका है. डम्पिंग ग्राउंड की हालत ऐसी हो चली है कि कचरे से लदी गाड़ियां भीतर नहीं जा पाती हैं. बारिश के मौसम में स्थिति और खराब हो जाती है. गाड़ियां ग्राउंड के बाहर सड़क पर ही कचरा गिरा कर चली जाती है. इसके लिए निगम ने डम्पिंग ग्राउंड में कंक्रीट रोड का निर्माण कराने का निर्णय लिया है. कचरे की वजह से डम्पिंग ग्राउंड के आस-पास रहने वाले लोगों को भी काफी समस्या का सामना करना पड़ता है. दुर्गंध, मक्खी, मच्छर के साथ अन्य कीड़े-मकोड़ों के साथ रोज लड़ना पड़ रहा है.
डम्पिंग ग्राउंड में अब और कचरा न फेंकने की मांग को लेकर स्थानीय लोगों ने कई बार आंदोलन किया, लेकिन इस ग्राउंड के अलावा निगम के पास दूसरा विकल्प भी नहीं है. कुछ वर्ष पहले सिलीगुड़ी नगर निगम ने डम्पिंग ग्राउंड को फूलबाड़ी से सटे पुटीमारी इलाके में स्थानांतरित करने की पहल की थी. पुटीमारी में डम्पिंग ग्राउंड के लिए जमीन भी चिह्नित की जा चुकी थी. लेकिन राजनीतिक कारणों की वजह से वह रास्ता भी बंद के कगार पर है.
बढ़ती जनसंख्या के साथ-साथ शहर में कचरा भी बढ़ रहा है. कचरों को डम्पिंग ग्राउंड में फेंकने के बजाए उसे कम्पोस्ट कर खाद भी तैयार किया जा सकता है. कम्पोस्ट करने से कचरों के परिमाण को काफी कम किया जा सकता है. सिलीगुड़ी रेगुलेटेड मार्केट में भारी मात्रा में जैविक कचरा निकलता है. इसके लिए निगम ने सिलीगुड़ी रेगुलेटेड मार्केट परिसर में ही कचरे को कम्पोस्ट करने के लिए परियोजना बनायी. इसके लिए मार्केट कमिटी से जमीन भी मांगी गयी थी.
कचरों को कम्पोस्ट करने के लिए राज्य सरकार ने निगम को कॉम्पैक्टर मशीन भी मुहैया करायी थी. लेकिन करीब एक वर्षों से पड़े होने की वजह से तृणमूल पार्षद व पर्यटन मंत्री गौतम देव बार-बार निगम की माकपा बोर्ड पर सवालिया निशान लगाया. अंत में कचरे को कम्पोस्ट करने की दिशा में निगम ने कदम बढ़ाया.

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