हूल दिवस पर सवैतनिक अवकाश की मांग

नागराकाटा : आदिवासी समुदाय की तरफ से ऐतिहासिक हूल दिवस पर सरकारी अवकाश दिये जाने की मांग की गयी है. शनिवार को डुआर्स के नागराकाटा स्थित आदिवासी सांस्कृतिक चर्चा केन्द्र में सरकारी तौर पर आयोजित समारोह के मंच से वक्ताओं ने यह मांग की. इन वक्ताओं का कहना है कि हूल दिवस के कार्यक्रम में […]

नागराकाटा : आदिवासी समुदाय की तरफ से ऐतिहासिक हूल दिवस पर सरकारी अवकाश दिये जाने की मांग की गयी है. शनिवार को डुआर्स के नागराकाटा स्थित आदिवासी सांस्कृतिक चर्चा केन्द्र में सरकारी तौर पर आयोजित समारोह के मंच से वक्ताओं ने यह मांग की. इन वक्ताओं का कहना है कि हूल दिवस के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए चाय बागान के श्रमिकों को छुट्टी लेनी पड़ती है, जिसके लिए उन्हें मजदूरी नहीं मिलती है. इसलिए वे सवैतनिक अवकाश घोषित किये जाने की मांग कर रहे हैं.
इस विषय में कोलकाता से पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री राजीव बनर्जी ने फोन के जरिये बताया है कि आदिवासी समुदाय की तरफ से लिखित आवेदन मिलने पर राज्य सरकार विचार करेगी. उल्लेखनीय है कि इसके पूर्व आदिवासियों की करम पूजा के अलावा बुद्ध पूर्णिमा और छठ पूजा के उपलक्ष में राज्य सरकार ने सरकारी अवकाश की घोषणा की है. इस बारे में नागराकाटा से विधायक सुकरा मुंडा ने बताया कि वह इस बारे में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से बात करेंगे.
समारोह में वक्ता रवि हांसदा का कहना है कि हूल उत्सव का सवैतनिक छुट्टी मिलने से आदिवासी समुदाय को राहत मिलेगी. आज के समारोह में मुख्य रूप से माल महकमा के सूचना व संस्कृति अधिकारी खांडमा भूटिया, बीडीओ सांगे पेमा भूटिया, जलपाईगुड़ी जिला परिषद के वन व भूमि विभाग के कार्याध्यक्ष अमरनाथ झा, विधायक शुकरा मुंडा, पंचायत समिति के सभापति हेमंत राय, समाजसेवी प्रेम छेत्री, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के ब्लॉक अधिकारी मिंगमा ल्हमू शेरपा की उपस्थिति रही. समारोह के आखिर में आदिवासी कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम की शानदार प्रस्तुति की.

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