बाहर बैठकर फैलायी जा रही हैं झूठी अफवाहें, पार्टी आंदोलनकारियों के साथ

दार्जिलिंग : जीटीए प्रशासनिक बोर्ड के चेयरमैन विनय तमांग ने लोगों से अफवाहों के पीछे नहीं भागने की अपील की है. उन्होंने जीटीए मुख्यालय लाल कोठी में पत्रकारों से कहा कि पिछले कई दिनों से फेसबुक जैसी सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटों के जरिये तरह-तरह की अफवाह फैलायी जा रही हैं. यह काम नेपाल, सिक्किम, दिल्ली से […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | February 10, 2018 1:45 AM
दार्जिलिंग : जीटीए प्रशासनिक बोर्ड के चेयरमैन विनय तमांग ने लोगों से अफवाहों के पीछे नहीं भागने की अपील की है. उन्होंने जीटीए मुख्यालय लाल कोठी में पत्रकारों से कहा कि पिछले कई दिनों से फेसबुक जैसी सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटों के जरिये तरह-तरह की अफवाह फैलायी जा रही हैं. यह काम नेपाल, सिक्किम, दिल्ली से हो रहा है. हाल ही में सोम चाय बगान निवासी राजीव राई की जलपाईगुड़ी जेल में मौत की अफवाह फैलायी गयी. इस अफवाह को सुनकर राजीव राई का परिवार जेल पहुंचा तो उन लोगों ने राजीव ठीकठाक पाया.
विनय तमांग ने कहा : इसी तरह पुल बाजार निवासी अमर छेत्री की मौत की अफवाह फैलायी गयी. अमर छेत्री बीमार हैं. उनको पहले नॉर्थ बंगाल मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया था. हालत में सुधार न देख हमलोगों ने प्रशासन से बात करके उन्हें कोलकता के पीजी अस्पताल में भर्ती कराया. दरअसल, अमर छेत्री को डिप्रेशन की बीमारी है. पहाड़ के कुछ राजनीतिक दलों द्वारा मेरे ऊपर कुछ नहीं करने का आरोप लगाया गया है, जबकि मैंने जेल में बंद सभी आंदोलनकारियों का हालचाल लिया है.
कई की जमानत भी पार्टी के प्रयास से हुई है.
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के दौरे के समय शांति बनाये रखने के लिए विनय तमांग ने सभी का आभार प्रकट किया. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने बीती 7 फरवरी को चौरस्ता में नौ शहीदों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की थी. इसमें से पांच के परिवारों ने मुआवजा राशि ले ली है. बाकी चार शहीद परिवारों के चेक जिलाधिकारी कार्यालय में हैं, इनके परिजन चाहे तो ले सकते हैं. उन्होंने कहा : हम लोगों ने दार्जिलिंग में विश्वविद्यालय की मांग की थी,
जिसे मुख्यमंत्री ने स्वीकार कर लिया है. हम लोगों ने मंग्पू में विश्वविद्यालय का प्रस्ताव रखा है. मुख्यमंत्री ने डीएम को जमीन देखकर रिपोर्ट भेजने का निर्देश भी दिया है. मुख्यमंत्री ने कर्सियांग में प्रेसिडेंसी कॉलेज का काम शुरू करने की बात भी कही है. जीएलपी भाई-बहनों की पुलिस में भर्ती की मांग भी स्वीकार कर ली गयी है.