कृपा की मदद से मिली लापता नाबालिग

कालचीनी : छह माह से लापता 16 साल की एक लड़की स्वयंसेवी संस्था ‘ कृपा’ की मदद से अपने घर लौट आई. चाय बागान निवासी चंदा मोची रविदास अपनी बेटी से मिलकर बेहद खुश है. जानकारी के अनुसार, रामझोड़ा स्कूल में आठवीं कक्षा की छात्रा को इलाके की एक एजेंट रीता लामा प्रलोभन देकर दिल्ली […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | November 21, 2017 5:55 AM

कालचीनी : छह माह से लापता 16 साल की एक लड़की स्वयंसेवी संस्था ‘ कृपा’ की मदद से अपने घर लौट आई. चाय बागान निवासी चंदा मोची रविदास अपनी बेटी से मिलकर बेहद खुश है. जानकारी के अनुसार, रामझोड़ा स्कूल में आठवीं कक्षा की छात्रा को इलाके की एक एजेंट रीता लामा प्रलोभन देकर दिल्ली ले गई थी.

आरोप है कि वहां उसने नाबलिग को एक प्लेसमेंट एजेंसी के हाथों बेच दिया. जब इसकी जानकारी मां चंदा को लगी तो आरोपी महिला ने कहा कि उसे 30 हजार रुपए देगी तो वह उनकी बेटी को वापस ला सकती है. लेकिन चाय बागान की श्रमिक चंदा जो किसी तरह दो जून की रोटी का जुगाड़ कर पाती है. इतनी बड़ी रकम वह कहां से लाती? जब चंदा को कहीं से मदद नहीं मिली तो वह कालचीनी के गोदामलाइन स्थित अपने मायके चली गई. वहीं पर उन लोगों ने कृपा नामक संस्था से संपर्क किया. उसके बाद कृपा की मदद से चंदा ने वीरपाड़ा थाने में
गुमशुदगी की रपट दर्ज कराई. उसके बाद पता चला कि उनकी बेटी चंडीगढ़ शहर में एक घर में काम कर रही है. उसके बाद कृपा संस्था ने वीडियो वॉलेंटियर ग्रुप के सोमा घोष से संपर्क किया गया. उनके मार्फत बचपन बचाओ टीम को पूरी केस डिटेल्स दी गई. उन्होंने ही चंडीगढ़ पुलिस की मदद से बेटी को वहां से मुक्त कराया. कृपा संस्था के सचिव कमल कुजूर ने बताया कि बंद चाय बागान इलाकों में ही मानव तस्करों की गतिविधियां ज्यादा हो रही हैं. जबकि ज्यादातर स्वयंसेवी संस्थाएं शहरों तक ही सीमित हैं.