पहाड़: गाड़ी फूंकी, विमल गुरुंग ने फोन कर दी धमकी, दार्जिलिंग में खुली दुकानें

दार्जिलिंग. 19 व्यवसायी संगठनों के फैसले के मुताबिक रविवार को दार्जिलिंग शहर खोलने की कवायद शुरू की गयी, लेकिन ज्यादा कामयाबी नहीं मिली. सहमे-सहमे माहौल में पुलिस-प्रशासन कुछ ही दुकानें खुलवा सका. विमल गुरुंग के खौफ के आगे प्रशासन का ज्यादा जोर नहीं चला. दरअसल, मोर्चा प्रमुख ने व्यवसायी संगठनों के फैसले की जानकारी मिलने […]

दार्जिलिंग. 19 व्यवसायी संगठनों के फैसले के मुताबिक रविवार को दार्जिलिंग शहर खोलने की कवायद शुरू की गयी, लेकिन ज्यादा कामयाबी नहीं मिली. सहमे-सहमे माहौल में पुलिस-प्रशासन कुछ ही दुकानें खुलवा सका. विमल गुरुंग के खौफ के आगे प्रशासन का ज्यादा जोर नहीं चला. दरअसल, मोर्चा प्रमुख ने व्यवसायी संगठनों के फैसले की जानकारी मिलने पर शनिवार रात को ही उनके पदाधिकारियों को फोन करके बंद का उल्लंघन नहीं करने की धमकी दे दी थी.

हालांकि बाजार खुलवाने में पुलिस और प्रशासन ने भी पूरी सक्रियता दिखायी. डीएम खुद दुकानदारों में विश्वास जगाने पहुंचीं. बंद समर्थकों ने दहशत फैलाने के लिए भोर में ही एक गाड़ी में आग लगा दी. सुबह करीब पांच बजे सिलीगुड़ी जाने की तैयारी कर रही इस गाड़ी को अज्ञात लोगों ने लेबुंग गोलाई बाजार में आग के हवाले कर दिया. वहीं सोनादा में शाम करीब साढ़े चार बजे एक मारुति वैन पर पथराव कर उसका आगे का कांच तोड़ दिया गया.

सुबह करीब नौ बजे व्यवसायी संगठनों के लोग शहर के चौक बाजार, सदर थाना लाइन, सोनम वांग्दी रोड, बीच गली लाइन आदि क्षेत्रों में पहुंचे और दुकानदारों से दुकान खोलने की अपील की. पुलिस प्रशासन ने भी माइकिंग कर दुकान खोलने की अपील करते हुए पूरी सुरक्षा का आश्वासन दिया. इसी बीच, जिला अधिकारी जयसी दासगुप्ता खुद चौक बाजार पहुंची और दुकानदारों को संबोधित करना शुरू किया. उन्होंने कहा कि आप लोग एक पोस्टर से डर रहे हैं, जबकि आप डरनेवाले लोग नहीं हैं. उन्होंने कहा कि प्रशासन सबकुछ उपलब्ध करा सकता है, लेकिन सांस तो आप ही लोगों को लेना है.

आखिरकार, कुछ कामयाबी मिलनी शुरू हुई और 11 बजे के आसपास चौक बाजार और सदर थाना लाइन में कई दुकानें खुल गयीं. लेकिन माहौल सहमा-सहमा ही रहा. पुलिस द्वारा जबरन दुकान खुलवाने की कोशिश की तसवीर लेते समय एक फोटोग्राफर के साथ पुलिस ने धक्का-मुक्की की, जिसमें उसका कैमरा क्षतिग्रस्त हो गया. कुल मिलाकर, पुलिस-प्रशासन की काफी कोशिशों के बावजूद रविवार को दार्जिलिंग की चहल-पहल नहीं लौट पायी. अब लोगों की निगाहें सोमवार पर लगी हैं.

इधर, बाजार खुलवाने में नेतृत्वकारी भूमिका निभा रहे संगठन ‘पथ पसले संघ’ के वरिष्ठ कार्यकर्ता ललित गुरुंग ने दुकान खोलनेवाले लोगों का आभार व्यक्त किया है.
जीटीए प्रशासनिक बोर्ड आज संभालेगा दायित्व
मिरिक. गोरखालैंड क्षेत्रीय प्रशासन (जीटीए) के सरकार द्वारा मनोनीत प्रशासनिक बोर्ड के चेयरमैन, वाइस चेयरमैन समेत सभी आठ सदस्य सोमवार को जीटीए मुख्यालय लालकोठी में प्रवेश कर अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे. मिरिक नगरपालिका के अध्यक्ष तथा जीटीए प्रशासनिक बोर्ड के सदस्य एलबी राई ने यह जानकारी दी है. उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा दी गयी जिम्मेदारी को यह बोर्ड पूरी ईमानदारी से निभायेगा.
पोस्टर लगाकर मरने या मारने की धमकी
कालिम्पोंग. कालिम्पोंग शहर में एक धमकी भरा पोस्टर चिपकाया गया है. पोस्टर पर किसी संगठन या व्यक्ति का नाम नहीं है. इसमें कहा गया है कि दुकान खोलनेवाले और गाड़ी चलानेवाले मरने को तैयार रहें. गोरखालैंड की अरथी पर जीटीए-2 को स्वीकार करनेवालों को या तो मारेंगे या मरेंगे. इसी तरह गोरखालैंड विरोधियों को चेतावनी देते हुए सन 1986 की याद दिलायी गयी है. पोस्टर में कहा गया है कि बंगाल लोकतांत्रिक आंदोलन को छोड़ हथियार उठाने पर मजबूर कर रहा है. अंत में करो या मरो का नारा दिया गया है.
मिरिक बाजार में दिखी चहल-पहल
मिरिक. दुर्गा पूजा के मद्देनजर मिरिक में जनजीवन सामान्य हो रहा है. रविवार को मिरिक बाजार में गांव-बस्ती के लोगों को कपड़े तथा बरतन, जूते-चप्पल, रंग-रौगन के लिए आवश्यक सामग्री दुकानों में खरीदते देखा गया. कई दिनों से मिरिक में होटल तथा लॉज भी खुल रहे हैं. एसबीआइ का एटीएम भी खुला दिखा. इधर, प्रशासन शहर में जनजीवन सामान्य बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है. स्थानीय लोग मिरिक, सौरेनी क्षेत्र में जनजीवन के पटरी पर लौटने के लिए इंटरनेट सेवा बहाल होने की उम्मीद कर रहे हैं.

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