क्रांति : तीन नि:शक्त भाइयों के लिए अविवाहित रह गयी दीदी

क्रांति. अपने तीन नि:शक्त भाइयों की जिम्मेदारियों संभालनेवाली माया सरकार (52) गरीबी और बेबसी की जिंदगी जीने को मजबूर हैं. माल प्रखंड अंतर्गत क्रांति की स्कूलपाड़ा निवासी के तीनों भाई 40 पार हैं. इनमें तपन सरकार (42), मानिक सरकार (45) और रवि सरकार (48) बचपन से ही अपनी दीदी माया सरकार पर निर्भर हैं. इनमें […]

क्रांति. अपने तीन नि:शक्त भाइयों की जिम्मेदारियों संभालनेवाली माया सरकार (52) गरीबी और बेबसी की जिंदगी जीने को मजबूर हैं. माल प्रखंड अंतर्गत क्रांति की स्कूलपाड़ा निवासी के तीनों भाई 40 पार हैं. इनमें तपन सरकार (42), मानिक सरकार (45) और रवि सरकार (48) बचपन से ही अपनी दीदी माया सरकार पर निर्भर हैं.

इनमें से कोई आंखों से नहीं देख पाता है, तो कोई पैरों से चल नहीं पाता है. माता-पिता के गुजरने के बाद माया सरकार ही इन भाइयों के लिए सबकुछ हैं. यही वजह है कि उन्होंने अपनी शादी तक नहीं की. आखिर वह किसके भरोसे इन भाइयों को छोड़े. अपने भाइयों को नहलाने से लेकर खिलाने तक सारे काम दीदी को ही करना पड़ता है.

माया सरकार की तकलीफों का यहीं पर अंत नहीं है. इनकी दो भतीजीयां रूम्पा व धूम्पा भी इन्हीं की शरण में है. अब ये दोनों लड़कियां विवाह योग्य हो गई हैं. लेकिन उन्हें इनके विवाह का खर्च उठाना संभव नहीं. यह जानकारी देते हुए ‘एम्बुलेंस दादा’ के नाम से मशहूर पद्मश्री करीमुल हक ने माया सरकार के घर जाकर उनका हाल-चाल जाना. करीमूल हक ने उन्हें भरोसा दिया है कि वे जिला प्रशासन से उन्हें मदद दिलाने का प्रयास करेंगे. माया सरकार ने बताया कि उन्होंने प्रशासन से अपने भाइयों को वृद्धावस्था भत्ता दिलाने के लिए आवेदन किया है.

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