गोजमुमो ने कहा केंद्र से उठा भरोसा, नौ से तीव्र आंदोलन

दार्जिलिंग. गोरखा जन मुक्ति मोरचा (गोजमुमो) ने गोरखालैंड मसले पर केंद्र सरकार को 8 अगस्त तक का अल्टीमेटम दिया है. शनिवार को गोजमुमो केंद्रीय कमेटी की बैठक पार्टी प्रमुख विमल गुरुंग की अध्यक्षता में पातलेबास स्थित पार्टी मुख्यालय में हुई. इसके बाद पार्टी के केंद्रीय सहसचिव विनय तामंग ने कहा कि अगर 8 अगस्त को […]

दार्जिलिंग. गोरखा जन मुक्ति मोरचा (गोजमुमो) ने गोरखालैंड मसले पर केंद्र सरकार को 8 अगस्त तक का अल्टीमेटम दिया है. शनिवार को गोजमुमो केंद्रीय कमेटी की बैठक पार्टी प्रमुख विमल गुरुंग की अध्यक्षता में पातलेबास स्थित पार्टी मुख्यालय में हुई. इसके बाद पार्टी के केंद्रीय सहसचिव विनय तामंग ने कहा कि अगर 8 अगस्त को शाम 6 बजे तक केंद्र सरकार ने गोरखालैंड मामले में दखल नहीं दिया या बैठक नहीं बुलायी तो 9 अगस्त से मोरचा दूसरे चरण का गोरखालैंड आंदोलन शुरू करेगा जो भयानक और तीव्र होगा. इसी क्रम में रविवार से नारी मोरचा द्वारा पिकेटिंग किये जाने का फैसला लिया गया है.

श्री तामंग ने बताया कि तीन घंटे से अधिक समय तक चली बैठक में केंद्र सरकार के रुख की कठोर निंदा की गयी. उन्होंने कहा कि अलग राज्य गोरखालैंड गठन की मांग को लेकर पिछले 46 दिनों से बेमियादी बंद जारी है. इस दौरान पुलिस की गोली से आठ आंदोलनकारियों की मौत हो चुकी है और 41 से अधिक समर्थक घायल हैं. इतना सब होने के बाद भी भारत सरकार एक शब्द नहीं बोल रही है.
बैठक में केंद्रीय कमेटी के वरिष्ठ नेता, पहाड़ के तीनों विधानसभा क्षेत्रों के विधायक, दार्जिलिग, कर्सियांग व कालिम्पोंग की नगरपालिकाओं के चेयरमैन, वाइस चेयरमैन, नगर पार्षद, मिरिक नगरपालिका के पार्षद, पूर्व सभासद आदि उपस्थित थे. उल्लेखनीय है कि मोरचा ने अपने आंदोलन के दूसरे चरण के लिए अगस्त क्रांति दिवस के ऐतिहासिक दिन को चुना है. 1942 में इसी दिन अंगरेजों के खिलाफ ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ का बिगुल बजा था.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >