संदेशखाली को लेकर फिर गरमायी सियासत

लोकसभा चुनाव के लिए पश्चिम बंगाल में सबसे अहम मुद्दा है संदेशखाली

कोलकाता. लोकसभा चुनाव के लिए पश्चिम बंगाल में सबसे अहम मुद्दा है संदेशखाली. उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली में महिलाओं के साथ कथित यौन उत्पीड़न की घटना को लेकर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से लेकर भाजपा के सभी केंद्रीय व प्रदेश नेता यहां की सत्तारूढ़ पार्टी पर हमलावर हैं. वहीं, दूसरी ओर से तृणमूल कांग्रेस संदेशखाली में किसी भी प्रकार के यौन उत्पीड़न की घटना से इंकार किया है. राज्य की मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी, पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी से लेकर सत्तारूढ़ पार्टी के नेता संदेशखाली की घटना को भाजपा की साजिश करार दे रहे हैं. उनका कहना है कि संदेशखाली की घटना को लेकर भाजपा झूठ फैला रही है. संदेशखाली की घटना को लेकर एक बाद के एक कई वीडियो जारी हुए हैं, जिसे लेकर सत्तारूढ़ पार्टी व विपक्षी पार्टी एक-दूसरे पर हमलावर है. तृणमूल कांग्रेस वीडियो को सही बताते हुए संदेशखाली की घटना को भाजपा का झूठ बता रही है, जबकि भाजपा इस वीडियो के फर्जी होने का दावा कर रही है.

अभी इसे लेकर मामला शांत भी नहीं हुआ था कि एक बार फिर संदेशखाली में अशांति देखने को मिली है. संदेशखाली में हालात एक बार फिर पिछले कुछ दिनों से तनावपूर्ण हैं. पुलिस लोगों में सुरक्षा का भाव नहीं जगा पा रही है, जिसकी वजह से सोमवार को विरोध प्रदर्शन की शुरुआत हुई थी. उसके बाद हर रात जागकर महिलाएं इलाके में तृणमूल नेताओं और पुलिस को घुसने नहीं दे रही हैं.

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