नंदीग्राम में शुभेंदु अधिकारी से हारने वालीं तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी के लिए भवानीपुर के विधायक शोभनदेव ने दिया इस्तीफा

Bengal Chunav 2021: तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी भवानीपुर विधानसभा सीट से उपचुनाव लड़ सकती हैं.

By Prabhat Khabar Digital Desk | May 21, 2021 6:16 PM

कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दक्षिण कोलकाता के भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ सकती हैं. हाल ही में भवानीपुर के विधायक चुने गये टीएमसी के वरिष्ठ नेता शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने विधानसभा की सदस्यता से शुक्रवार (21 मई) को इस्तीफा दे दिया. इसके बाद से कयास लगाये जा रहे हैं कि तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी यहां से विधानसभा चुनाव लड़ सकती हैं.

लगातार दो बार भवानीपुर विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर बंगाल की मुख्यमंत्री बनने वालीं ममता बनर्जी ने वर्ष 2021 के बंगाल चुनाव में पूर्वी मेदिनीपुर के नंदीग्राम विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने का निश्चय किया था. यहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी ने तृणमूल सुप्रीमो को 1956 वोटों के अंतर से पराजित कर दिया था.

भवानीपुर विधानसभा सीट पर शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने भाजपा उम्मीदवार रुद्रनील घोष को 28,819 वोट से हराया था. भवानीपुर विधानसभा सीट पर सातवें चरण में 26 अप्रैल को वोटिंग हुई थी. यहां तृणमूल के सीनियर नेता शोभनदेव को 57.71 फीसदी वोट मिले थे, जबकि भाजपा को 35.16 प्रतिशत वोट प्राप्त हुए थे.

Also Read: ‘नौटंकी’ कर रही हैं बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, पीएम मोदी के साथ बैठक में शामिल अधिकारी बोले

यह तय हो गया है कि ममता बनर्जी भवानीपुर विधानसभा सीट से उपचुनाव लड़ेंगी, क्योंकि शोभनदेव ने खुद ही इस बात की पुष्टि की है. शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने शुक्रवार को विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद खुद कहा कि यह सीट ममता बनर्जी की ही है. वह सिर्फ इसके रक्षक के रूप में चुनाव लड़े थे. शोभनदेव चट्टोपाध्याय का इस्तीफे पश्चिम बंगाल विधानसभा के अध्यक्ष विमान बोस ने स्वीकार कर लिया है. 70 वर्षीय शोभनदेव खड़दह सीट से किस्मत आजमा सकते हैं, जहां पार्टी विधायक काजल सिन्हा के निधन के बाद उपचुनाव की जरूरत पड़ी है.

श्री बोस ने कहा कि मैंने इस बारे में जांच की. शोभनदेव से पूछा कि उन्होंने बिना किसी दबाव में स्वेच्छा से इस्तीफा दिया है या किसी कार्रवाई के डर से. मैं उनके जवाब से संतुष्ट हुआ और उनके इस्तीफे को स्वीकार कर लिया है. शोभनदेव का इस्तीफा स्वीकार होने के बाद यहां विधानसभा के उपचुनाव कराये जायेंगे और ममता बनर्जी एक बार फिर भवानीपुर विधानसभा सीट का प्रतिनिधत्व कर सकती हैं.

Also Read: ममता ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, अब राज्य व केंद्रीय कर्मियों के लिए टीके की 20 लाख खुराक मांगी
…और शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने दे दिया इस्तीफा

विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दो बार भवानीपुर से जीत चुकी हैं. पार्टी के सभी नेता चर्चा कर रहे थे. मैंने सुना कि वह भवानीपुर विधानसभा सीट से उपचुनाव लड़ना चाहती हैं, तो मैंने उनके लिए अपनी सीट खाली करने का निश्चिय किया.

श्री चट्टोपाध्याय ने कहा कि विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने का मुझ पर कोई दबाव नहीं था. ममता बनर्जी के अलावा किसी और में सरकार चलाने की क्षमता नहीं है. मैंने इस बारे में उनसे बात की और इस्तीफा दे दिया. यह सीट उनकी ही थी. मैं तो सिर्फ इसकी रक्षा कर रहा था. वर्ष 2011 में ममता बनर्जी के लिए तृणमूल नेता सुब्रत बख्शी ने भवानीपुर सीट खाली की थी.

Also Read: बंगाल पर चक्रवात का खतरा, 21 मई से 15 अक्टूबर तक काम करेंगे कंट्रोल रूम, ममता बनर्जी ने की हाई-लेवल मीटिंग

ज्ञात हो कि 8 चरणों में हुए बंगाल चुनाव 2021 के बाद ममता बनर्जी लगातार तीसरी बार बंगाल की मुख्यमंत्री बनी हैं. 213 सीटें जीतकर तृणमूल कांग्रेस सत्ता में तो लौट आयी, लेकिन पार्टी की सबसे बड़ी नेता और प्रदेश की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद चुनाव हार गयीं. संविधान के नियमों मुताबिक, मुख्यमंत्री बने रहने के लिए उन्हें छह महीने के भीतर विधानसभा का सदस्य बनना होगा.

Posted By: Mithilesh Jha

Next Article

Exit mobile version