Kuldip Maity: तृणमूल कांग्रेस की कोएल मल्लिक ने गुरुवार को राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया. पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी के सत्ता से बाहर होने के बाद इस्तीफा देने वाली मलिक तृणमूल कांग्रेस की चौथी सांसद हैं. उनके इस्तीफे के बाद राज्यसभा की एक सीट रिक्त हो गई है. इस घटनाक्रम के बाद प्रदेश की सियासत में हलचल तेज हो गई है. सूत्रों के अनुसार कोएल मल्लिक के इस्तीफे के बाद खाली हुई राज्यसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी किसी नए चेहरे को मौका दे सकती है. इस दौड़ में समाजसेवी और जनप्रिय चेहरा कुलदीप मैती का नाम सबसे आगे चल रहा है.
कुलदीप मैती लंबे समय से सामाजिक कार्यों से जुड़े हुए हैं और क्षेत्र में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है. उनके नाम की चर्चा से कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह का माहौल है. बीजेपी प्रदेश नेतृत्व ने अभी तक किसी नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की है. पार्टी सूत्रों का कहना है कि शीर्ष नेतृत्व जल्द ही इस सीट के लिए प्रत्याशी के नाम पर अंतिम निर्णय लेगा.
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कुलदीप मैती को प्रत्याशी बनाए जाने से पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूती मिलेगी और संगठन को नया विस्तार मिलेगा. न्यूज़ एजेंसी ANI ने सूत्रों के हवाले से बताया कि TMC नेता और एक्टर से नेता बनीं कोयल मल्लिक ने गुरुवार को राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया.
ममता बनर्जी की पार्टी से सांसदों और विधायकों के लगातार पार्टी छोड़ने के सिलसिले में यह एक और नाम जुड़ गया है. सूत्रों ने ANI को बताया- TMC की राज्यसभा सांसद कोयल मल्लिक ने उपराष्ट्रपति और राज्यसभा चेयरमैन सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात की और अपना इस्तीफा सौंपा." उनका इस्तीफा टीएमसी विधायक और ममता बनर्जी के करीबी सहयोगी मदन मित्रा के पार्टी छोड़ने के एक दिन बाद आया है.
मदन मित्रा ने पार्टी छोड़कर रिताब्रता बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी टीएमसी गुट को जॉइन कर लिया था. इससे पहले, सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बराइक ने भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने से पहले राज्यसभा और टीएमसी, दोनों से इस्तीफा दे दिया था.
