महिला मुख्यमंत्री के राज में महिलाओं के खिलाफ क्यों बढ़ रहे अपराध?

कसबा स्थित लॉ कॉलेज में छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के निर्देश पर एक चार सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग टीम सोमवार को कोलकाता पहुंची.

भाजपा की फैक्ट फाइंडिंग टीम ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर उठाये सवाल

टीम के सदस्यों ने लालबाजार में सीपी व लॉ कॉलेज की वाइस प्रिंसिपल से की मुलाकात

संवाददाता, कोलकाता.

कसबा स्थित लॉ कॉलेज में छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के निर्देश पर एक चार सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग टीम सोमवार को कोलकाता पहुंची. इस टीम ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाये हैं. कोलकाता पहुंचने के बाद चार सदस्यीय टीम, जिसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व पुलिस आयुक्त सतपाल सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी, सांसद विप्लव कुमार देव और सांसद मनन कुमार मिश्रा शामिल थे, ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार के साथ कोलकाता पुलिस आयुक्त मनोज कुमार वर्मा और लॉ कॉलेज के वाइस प्रिंसिपल से मुलाकात की. यह जांच समिति घटना के संबंध में अपनी रिपोर्ट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को सौंपेगी. टीम ने सोमवार को दक्षिण कोलकाता के उस लॉ कॉलेज का भी दौरा किया, जहां 25 जून को सत्तारूढ़ पार्टी से जुड़े एक पूर्व छात्र सहित तीन लोगों ने 24 वर्षीय छात्रा के साथ कथित रूप से सामूहिक दुष्कर्म किया था.

सोमवार शाम को दौरे के बाद संवाददाताओं को संबोधित करते हुए मीनाक्षी लेखी ने सबसे महत्वपूर्ण सवाल उठाया: एक महिला मुख्यमंत्री वाले राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध क्यों बढ़ रहे हैं? उन्होंने कहा कि लॉ कॉलेज के अंदर छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म जैसी जघन्य घटना की कल्पना भी नहीं की जा सकती. यह दर्शाता है कि बंगाल में कानून-व्यवस्था किस हद तक गिर गयी है. लेखी ने यह भी कहा कि बंगाल जैसे समाज में, जहां मातृ पूजन किया जाता है और देवी दुर्गा की पूजा होती है, वहां इस प्रकार की घटनाएं शर्मनाक हैं. उन्होंने बताया कि पुलिस आयुक्त के साथ बातचीत में उन्होंने यह स्पष्ट किया कि वे विपक्षी पार्टी नहीं, बल्कि जनता के प्रतिनिधि हैं.

कॉलेज में नियुक्तियों और सुरक्षा पर सवाल : मीनाक्षी लेखी ने यहां के कॉलेजों में अवैध रूप से हो रही नियुक्तियों पर भी सवाल उठाये. उन्होंने आरोप लगाया कि अपराधियों को बिना किसी सत्यापन के कॉलेजों में तदर्थ शिक्षक या कर्मचारी के रूप में नियुक्त किया जा रहा है. साथ ही, बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआइ) और शिक्षा मंत्रालय द्वारा निर्धारित नियमों का उल्लंघन करते हुए पार्टी नेताओं को गवर्निंग बॉडी में पिछले दरवाजे से शामिल किया जा रहा है. मीनाक्षी लेखी ने लॉ कॉलेजों के पूर्ण पुनरुद्धार, महिलाओं के लिए अपने मामलों की सीधे रिपोर्ट करने के लिए एक समर्पित पोर्टल और एक समिति गठित करने का आह्वान किया.

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Published by: Subodh kumar singh

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