बाघाजतिन में थोक विक्रेता का लाइसेंस रद्द, एनडीपीएस दवाओं की अवैध बिक्री का आरोप

राज्य औषधि नियंत्रण विभाग ने बाघाजतिन स्थित एक थोक दवा विक्रेता का लाइसेंस रद्द कर दिया है.

लाइसेंस रद्द किये जाने से पहले किया गया था सचेत

संवाददाता, कोलकाता

राज्य औषधि नियंत्रण विभाग ने बाघाजतिन स्थित एक थोक दवा विक्रेता का लाइसेंस रद्द कर दिया है. सूत्रों के अनुसार, कानून का पालन किए बिना इस थोक विक्रेता द्वारा कफ सिरप बेचा जा रहा था. जिसका प्रमाण भी मिला है. पकड़े गये कफ सिरप को नष्ट करने का आदेश दिया गया है. कफ सिरप में नारकोटिक ड्रग्स और साइकोट्रॉपिक पदार्थ होते हैं. इसीलिए इस सिरप को एनडीपीएस (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्स्टांसेस) दवा कहा जाता है, जिसके सेवन से लत लग सकती है. इस तरह की दवाओं को बेचने के लिए नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्स्टांसेस एक्ट, 1985 के सख्त नियमों का पालन करना होता है. राज्य औषधि नियंत्रण ने दक्षिण कोलकाता के बाघाजतिन स्थित थोक विक्रेता शिवम मेडिकल एजेंसी का लाइसेंस अवैध रूप से कफ सिरप बेचने के आरोप में रद्द किया है. सूत्रों के अनुसार, हिमाचल प्रदेश के औषधि नियंत्रण से जानकारी मिली है कि वहां की एक कंपनी ने कोलकाता के इस थोक दवा विक्रेता को वह कफ सिरप सप्लाई किया है. राज्य औषधि नियंत्रण अधिकारियों ने बाघाजतिन स्टेशन रोड स्थित थोक दवा विक्रेता शिवम मेडिकल एजेंसी के कार्यालय और गोदाम पर छापा मारा. उन्हें वहां कई अनियमितताएं मिलीं. आरोप है कि कफ सिरप भी अवैध रूप से बेचे जा रहे थे.

राज्य औषधि नियंत्रण सूत्रों के अनुसार, नियमों का पालन न करने के कारण शिवम मेडिकल एजेंसी का लाइसेंस 2022 से नवीनीकृत नहीं हुआ है.

छापा के दौरान यह भी पाया गया कि एक्सपायरी दवाओं को अलग से नहीं रखा जा रहा था. नतीजतन, यह समझने का कोई तरीका नहीं है कि कौन-सी दवा अच्छी है और कौन-सी एक्सपायर्ड. हालांकि, विभिन्न अनियमितताओं के आरोपों पर इस एजेंसी को कई बार सुनवाई के लिए बुलाया गया. हाल में ही इस थोक विक्रेता के एक अधिकारी को बुलाया गया था, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला. अंत में, राज्य औषधि नियंत्रण ने कंपनी का लाइसेंस रद्द कर दिया.

ज्ञात हो कि,पिछले महीने, एक प्रतिष्ठित कंपनी की दवाओं की पैकेजिंग में नकली दवाओं की तस्करी के आरोप लगे थे. राज्य औषधि नियंत्रण ने मध्य कोलकाता के दो थोक दवा विक्रेताओं के लाइसेंस तीन महीने के लिए निलंबित कर दिये. औषधि नियंत्रण विभाग ने उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र सहित कई जगहों पर छापेमारी की और कई दवाओं के नमूने जब्त किये गये थे.

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Published by: Akhilesh kumar singh

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