तृणमूल कांग्रेस का रीतब्रत बनर्जी गुट कल निर्वाचन आयोग की पूर्ण पीठ से मिलेगा

West Bengal Politics: ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी पर कब्जे की जंग तेज हो गयी है. रीतब्रत बनर्जी गुट ने चुनाव चिह्न से लेकर फंड तक पर अधिकार चाहता है. गुट का 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बृहस्पतिवार को इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया से मुलाकात करेगा.

West Bengal Politics: तृणमूल कांग्रेस के नाम, कोष और चुनाव चिह्न ‘दो फूल’ पर चल रही खींचतान के बीच, रीतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाला पार्टी का बागी गुट बृहस्पतिवार (2 जुलाई) को राष्ट्रीय राजधानी में निर्वाचन आयोग की पूर्ण पीठ से मुलाकात करेगा.

दिल्ली में ईसीआई से मिलेगा 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल

रीतब्रत बनर्जी ने बुधवार को बताया कि उनके धड़े का 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल दोपहर में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और अन्य निर्वाचन आयुक्तों से मुलाकात करेगा. हालांकि, उन्होंने बैठक का एजेंडा बताने से इनकार कर दिया.

असली तृणमूल होने का दावा करेगा गुट

ममता बनर्जी विरोधी गुट से जुड़े सूत्रों ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल निर्वाचन आयोग के सामने दावा पेश कर सकता है कि वही ‘असली’ तृणमूल कांग्रेस है. उसे पार्टी की संगठनात्मक और विधायी इकाई के तौर पर मान्यता मिलनी चाहिए.

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West Bengal Politics: पार्टी के चुनाव चिह्न पर दावा करेगा बागी गुट

बागी धड़े के एक नेता ने कहा कि वे यह दलील देंगे कि उन्हें पार्टी के अधिकतर संगठनात्मक पदाधिकारियों और निर्वाचित जन प्रतिनिधियों का समर्थन हासिल है. इसलिए पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न पर उनका जायज दावा है.

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सीईओ से मुलाकात के बाद ईसीआई से मिलेगा रीतब्रत गुट

यह बैठक रीतब्रत बनर्जी के करीबी नेताओं की पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अधिकारियों के साथ हुई मुलाकात के बाद हो रही है, जिसमें उन्होंने पार्टी के चुनाव चिह्न को लेकर चल रहे विवाद पर अपना पक्ष रखा था.

बंगाल चुनाव 2026 में हार के बाद टूट गयी तृणमूल

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में तृणमूल कांग्रेस को मिली हार के बाद पार्टी की अंदरुनी कलह सामने आयी और विधायकों के एक बड़े धड़े ने ममता बनर्जी का साथ छोड़कर नया गुट बना लिया. दोनों गुट पार्टी संगठन, विधायी इकाई और राजनीतिक पहचान को लेकर संघर्ष कर रहे हैं.

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By Mithilesh Jha

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