क्या चल रहा है TMC में? घर वापसी करेंगे बागी सांसद या फिर टूटेगी ममता बनर्जी की पार्टी?

पश्चिम बंगाल की राजनीति में भूचाल के संकेत आ रहे हैं. ममता बनर्जी की टीएमसी से बगावत करने वाले 20 बागी सांसदों के अलग गुट में से कुछ सांसदों ने एनडीए से दूरी बना ली है. इस बीच, जेपी नड्डा के साथ सौगत रॉय और शत्रुघ्न सिन्हा की मुलाकात ने नयी चर्चा को जन्म दे दिया है.

West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल में 15 साल तक सत्ता में रही ममता बनर्जी की पार्टी ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC) की पूरी राजनीति अभी दिल्ली शिफ्ट हो गयी है. नयी दिल्ली में आज एक साथ कई घटनाक्रम देखने को मिले. टीएमसी से बगावत करने वाले 20 सांसदों में से 3 सांसद दिल्ली में थे, लेकिन वे राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की बैठक में शामिल नहीं हुए. इसके बाद सौगत रॉय ने दावा किया कि कई सांसद टीएमसी में लौटेंगे. इसी बीच, संसद की कैंटीन से एक तस्वीर सामने आयी, जिसमें टीएमसी के सांसद सौगत रॉय और शत्रुघ्न सिन्हा केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के साथ टेबल पर बैठकर भोजन करते नजर आये.

बंगाल चुनाव के बाद 20 सांसदों ने की थी बगावत

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के परिणाम आने के बाद तृणमूल कांग्रेस से अलग होकर नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) का गठन करने वाले 20 बागी सांसदों में से 3 अल्पसंख्यक सांसद अबु ताहेर, खलीलुर रहमान और यूसुफ पठान एनडीए की बैठक से दूर रहे. इससे पहले सर्वदलीय बैठक और एनडीए की संसदीय दल की बैठक में काकोली घोष दस्तीदार, सुदीप बंद्योपाध्याय, शताब्दी रॉय और जून मालिया जैसे लोग शामिल हुए थे.

भाजपा में एनसीपीआई के विलय की चर्चा

एनडीए की बैठक से 3 मुस्लिम सांसदों की दूरी बनाने के बाद कई तरह की चर्चा शुरू हो गयी है. राजनीतिक जानकार मानते हैं कि ये लोग वापस ममता बनर्जी गुट में जा सकते हैं. ऐसी भी खबर है कि एनसीपीआई का सीधे भारतीय जनता पार्टी (BJP) में विलय हो सकता है. शायद इसलिए अपने-अपने क्षेत्रों के राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए तीनों सांसद बीजेपी से सीधे जुड़ाव से हिचकिचा रहे हों.

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कई सांसद जल्द अपना फैसला बदलेंगे : सौगत रॉय

इसी बीच सौगत रॉय ने कहा कि टीएमसी छोड़ने वाले कई सांसद लगातार पार्टी के संपर्क में हैं. जल्द ही बंगाल का राजनीतिक समीकरण बदल सकता है. उन्होंने कहा कि शुरुआत में पार्टी के प्रति नाराजगी थी, जिसके कारण उन्होंने तृणमूल छोड़ी. अब जिस तरह से चीजें एनडीए और भाजपा के साथ हो रहीं हैं, यह बात कई सांसदों को पसंद नहीं आ रही. मैं सटीक संख्या नहीं बताऊंगा, लेकिन बातचीत चल रही है. हमें उम्मीद है कि बगावत करने वाले कई सांसद जल्द ही ठोस फैसला लेंगे.

दलबदल याचिका होगी वापस?

ममता बनर्जी गुट के वरिष्ठ सांसद सौगत रॉय ने यह भी दावा किया कि इस पूरे विषय पर पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी की नजर बनी हुई है. यदि बागी सांसद पार्टी में लौटते हैं, तो संसद में उनकी सदस्यता रद्द कराने के लिए दायर की गयी याचिका को वापस लेने पर विचार किया जा सकता है.

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नड्डा के साथ एक टेबल पर सौगत और शत्रुघ्न

संसद के मानसून सत्र के दौरान संसद परिसर की कैंटीन में एक अलग तस्वीर दिखी. इस तस्वीर ने कोलकाता से दिल्ली तक राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी. इस तस्वीर में सौगत रॉय और आसनसोल से सांसद शत्रुघ्न सिन्हा एक ही टेबल पर बैठकर बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ बेहद खुशनुमा माहौल में बातचीत करते और खाना खाते दिख रहे हैं. इस फोटो को बागी गुट ने शेयर किया है. इसके बाद चर्चा है कि तृणमूल में एक और फूट पड़ सकती है. हालांकि, सौगत ने कहा है कि सांसदों का एक साथ बैठना या भोजन करना सामान्य शिष्टाचार है, इसे राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए.

मैंने जेपी नड्डा जी के साथ बैठकर कोई प्लान्ड लंच नहीं किया है. जब मैं कैंटीन में खाना खा रहा था, तब हो सकता है कि नड्डा जी पास की सीट पर आकर बैठ गये हों. बीजेपी केवल अफवाहें और झूठ फैलाने का काम करती है. वे ‘डिपार्टमेंट ऑफ लाइज’ चला रहे हैं. -सौगत रॉय, सांसद, तृणमूल कांग्रेस (ममता बनर्जी गुट)

NCPI के गठन के बाद से गरम है राजनीति

टीएमसी के 20 सांसदों ने काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में बगावत करते हुए एनसीपीआई (NCPI) नाम से नया गुट बना लिया है. इन लोगों ने एनडीए को समर्थन देने का ऐलान भी कर रखा है. इसके बाद से ममता बनर्जी गुट और काकोली घोष दस्तीदार गुट के बीच जबर्दस्त खींचतान चल रही है.

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By मिथिलेश झा

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