महानिदेशक राजीव कुमार की देखरेख में भवानी भवन में स्थापित होगा अत्याधुनिक एआइ प्रकोष्ठ कोलकाता. पश्चिम बंगाल पुलिस बदलते समय के साथ अपराधियों तक पहुंचने के लिए और भी आधुनिक हो रही है. इस बार अपराध पर लगाम लगाने के लिए पश्चिम बंगाल पुलिस “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ” (एआइ) से जुड़ने जा रही है. इसके लिए पुलिस विभाग में एक एआइ सेल का गठन होने जा रहा है. शुक्रवार को राज्य के डीजी राजीव कुमार ने भवानी भवन में इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किया. इस पहल का उद्देश्य पुलिस को जांच से लेकर प्रशासनिक कार्य, योजना, प्रशिक्षण, सभी पहलुओं में तकनीक पर निर्भर और कुशल बनाना है. यह अत्याधुनिक एआइ प्रकोष्ठ राज्य पुलिस विभाग के भवानी भवन में स्थापित होगा. राज्य सरकार इस नये प्रकोष्ठ के लिए आवश्यक वित्तीय, प्रशासनिक और तकनीकी सहायता प्रदान करेगी. यह प्रकोष्ठ एआइ के उपयोग में पारदर्शिता बनाये रखने हेतु नीति निर्माण के लिए भी उत्तरदायी होगा. इसके अतिरिक्त, कृत्रिम बुद्धिमत्ता से संबंधित सभी प्रशिक्षण शिविरों के आयोजन की जिम्मेदारी भी इसी प्रकोष्ठ को सौंपी जायेगी. इस प्रकोष्ठ का प्रशासनिक नियंत्रण महानिदेशक राजीव कुमार के अधीन होगा. पुलिस सूत्रों के अनुसार, हाल के दिनों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता दुनियाभर में मज़बूत हो रही है, ऐसे में इस प्रकोष्ठ का मुख्य उद्देश्य समय के साथ तालमेल बिठाना और अपराध की रोकथाम में खुद को सबसे उन्नत बनाना है. एआइ का व्यावहारिक अनुभव विकसित करने के लिए राज्य के विभिन्न जिलों में नियमित प्रशिक्षण आयोजित किये जायेंगे. यह कृत्रिम बुद्धिमत्ता जांच, अपराध और डेटा विश्लेषण में राज्य पुलिस का मुख्य सहयोगी बनेगा.
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