बंगाल के सरकारी दफ्तरों में लगेगा ‘जनता दरबार’, समस्या बताने के लिए नहीं करना होगा इंतजार

पश्चिम बंगाल सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है. अब आम लोग बिना किसी अपॉइंटमेंट के सीधे सरकारी अधिकारियों से मिलकर अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे. यह नई 'जनता दरबार' व्यवस्था जिला से लेकर ब्लॉक स्तर तक लागू होगी.

पश्चिम बंगाल की शुभेंदु अधिकारी सरकार ने आम लोगों की समस्याओं और शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए प्रशासनिक स्तर पर बड़ा कदम उठाया है. अब मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की तर्ज पर राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारी भी नियमित रूप से आम लोगों की शिकायतें सीधे सुनेंगे. इसके लिए सरकारी दफ्तरों में ‘जनता दरबार’ की व्यवस्था शुरू की जा रही है.

मंगलवार और गुरुवार को लगेंगे जनता दरबार

मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल ने इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किये हैं. निर्देश के मुताबिक, आम लोग अपनी समस्या लेकर सीधे संबंधित सरकारी विभाग के अधिकारी से मिल सकेंगे. इसके लिए हर मंगलवार और गुरुवार सुबह 10.30 बजे से दोपहर एक बजे तक का समय निर्धारित किया गया है. खास बात यह है कि अधिकारियों से मिलने के लिए किसी पूर्व अनुमति या एप्वाइंटमेंट की जरूरत नहीं होगी. निर्धारित दिन और समय पर संबंधित कार्यालय पहुंचकर लोग सीधे अधिकारी के सामने अपनी शिकायतें रख सकेंगे.

  • सरकारी विभागों के अधिकारी भी नियमित रूप से आम लोगों की शिकायतें सीधे सुनेंगे.
  • आम लोग अपनी समस्याएं लेकर सीधे संबंधित सरकारी विभाग के अधिकारी से मिल सकेंगे.
  • हर मंगलवार और गुरुवार सुबह 10.30 बजे से दोपहर एक बजे तक का समय निर्धारित किया गया है.

जिला और ब्लॉक स्तर पर होगी शिकायतों की सुनवाई

यह व्यवस्था केवल राज्य मुख्यालय या शहरों तक सीमित नहीं रहेगी. जिला और ब्लॉक स्तर तक इसे लागू किया जायेगा. जिलाधिकारी, महकमा शासक, बीडीओ, नगर निगम या नगरपालिका के कमिश्नर, पुलिस अधिकारियों समेत विभिन्न विभागों के फील्ड स्तर के अधिकारियों को इस व्यवस्था के दायरे में लाया गया है.

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जनता दरबार के दिन नहीं होंगे सरकारी दौरे : सीएस

नबान्न की ओर से जारी निर्देश में अधिकारियों को यह भी कहा गया है कि निर्धारित समय में आम लोगों से मुलाकात सुनिश्चित करने के लिए जहां तक संभव हो, उस अवधि में बैठक, सरकारी दौरे या अन्य कार्यक्रम नहीं रखे जायें. यानी मंगलवार और गुरुवार की सुबह का यह समय आम लोगों की शिकायतें सुनने और उनके समाधान के लिए प्राथमिकता से उपलब्ध रखना होगा.

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दफ्तर में संबंधित अधिकारी की जानकारी डिस्प्ले करनी होगी

लोगों की सुविधा के लिए संबंधित अधिकारियों का ई-मेल और मोबाइल नंबर भी सार्वजनिक करना होगा. यह जानकारी संबंधित सरकारी कार्यालय में ऐसे स्थान पर प्रदर्शित करनी होगी, जहां आम लोग उसे आसानी से देख सकें. इसके साथ ही सरकारी वेबसाइट पर भी अधिकारियों से संपर्क से जुड़ी जानकारी प्रकाशित करनी होगी. किस विभाग के अधिकारी किस दिन और कितने बजे आम लोगों से मिलेंगे, इसकी जानकारी भी कार्यालय में नोटिस के माध्यम से पहले से देनी होगी. इससे लोगों को अपनी शिकायत लेकर सही अधिकारी तक पहुंचने में परेशानी नहीं होगी.

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शिकायत पर कार्रवाई का भी रखा जायेगा रिकॉर्ड

सरकार ने स्पष्ट किया है कि आम लोगों की शिकायतें सुन लेने भर से अधिकारियों की जिम्मेदारी खत्म नहीं होगी. शिकायत पर क्या कार्रवाई की गयी और उसके समाधान की दिशा में कितनी प्रगति हुई, इसका भी रिकॉर्ड रखना होगा. इसके लिए ‘आपकी सरकार आपके पास’ पोर्टल पर शिकायत और उसके आधार पर की गयी कार्रवाई को दर्ज करने की व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है. जरूरत पड़ने पर वरिष्ठ अधिकारी शिकायतों के निपटारे और उनकी प्रगति की समीक्षा भी करेंगे और इसकी रिपोर्ट भी देंगे.


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By मिथिलेश झा

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