600 करोड़ के साइबर स्कैम में उद्योगपति पवन रुईया कोलकाता से गिरफ्तार

West Bengal Cyber Scam: 600 करोड़ रुपए के साइबर स्कैम में कोलकाता पुलिस ने उद्योगपति पवन रुईया को गिरफ्तार किया है. कलकत्ता हाईकोर्ट ने जैसे ही उनकी गिरफ्तारी पर लगी रोक हटायी, कोलकाता पुलिस ने रुईया को धर दबोचा. क्या है पूरा मामला, यहां पढ़ें.

West Bengal Cyber Scam| कोलकाता, विकास गुप्ता : पश्चिम बंगाल पुलिस की साइबर अपराध शाखा ने मंगलवार को मशहूर उद्योगपति पवन रुईया को गिरफ्तार कर लिया. यह गिरफ्तारी कोलकाता के न्यू टाउन स्थित वेस्टिन होटल के सामने से मंगलवार शाम करीब 4:45 बजे हुई. रुईया पर निवेश के नाम पर करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी और मनी लाउंडरिंग के गंभीर आरोप हैं.

  • हाईकोर्ट से मिली राहत की समयसीमा खत्म होते ही बंगाल पुलिस ने कर लिया गिरफ्तार
  • देशभर के विभिन्न थानों में गिरोह के खिलाफ साइबर धोखाधड़ी की 1379 शिकायतें

अदालत से झटका लगते ही हुई गिरफ्तारी

पवन रुईया और उनके परिवार को अब तक कलकत्ता हाईकोर्ट का सुरक्षा कवच मिला हुआ था. कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा रखी थी. 31 मार्च को हाईकोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर लगी रोक हटा ली. कोर्ट का आदेश जारी होने के कुछ ही घंटों के भीतर पुलिस ने घेराबंदी कर पवन रुईया को गिरफ्तार कर लिया.

93 लाख की ठगी से खुला 600 करोड़ का राज

पुलिस ने बताया कि इस मामले की शुरुआत विधाननगर निवासी स्वपन कुमार मंडल की शिकायत से हुई थी. उन्हें एक मोबाइल ऐप के जरिये निवेश करने पर भारी मुनाफे का झांसा देकर उनसे 93 लाख रुपये ठग लिये गये. जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि यह पैसा पवन रुईया के कंटोरल वाली फर्जी कंपनियों के बैंक खातों में जमा किये गये. इन खातों का संचालन कोलकाता के ‘रुईया सेंटर’ से रुईया के निर्देश ही होता था.

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क्रिप्टोकरेंसी में निवेश कर विदेश भेजे जाते थे रुपए

पुलिस की जांच में सामने आया कि यह केवल एक व्यक्ति की ठगी का मामला नहीं है. नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के आंकड़ों के मुताबिक, देशभर में साइबर धोखाधड़ी की 1379 शिकायतें इस गिरोह और पवन रुईया से जुड़ी हैं. यह गिरोह ठगी के पैसों को ठिकाने लगाने और विदेशों में भेजने के लिए क्रिप्टोकरेंसी का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर रहा था.

दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार हुआ था राहुल वर्मा

इस मामले में पुलिस पहले ही राहुल वर्मा नामक एक आरोपी को दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर चुकी है. वह लंदन भागने की फिराक में था. पवन रुईया पर अब धोखाधड़ी (420), जालसाजी (467/471) और संगठित अपराध जैसी धाराओं के तहत मुकदमा चलाया जायेगा. पुलिस रुईया को रिमांड पर लेकर इस अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट की परतें खोलने की तैयारी में है.

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By Mithilesh Jha

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