बंगाल चुनाव में सीटों की छीना-झपटी, दीदी ने कांग्रेस-वामपंथ से छीनीं 71 सीटें, बीजेपी ने TMC के किले में लगायी बड़ी सेंध

West Bengal Election 2021 Analysis: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2021 के नतीजों का विश्लेषण. जानें कैसे टीएमसी ने कांग्रेस की 44 और सीपीएम की 26 सीटें छीनीं. बीजेपी ने कैसे टीएमसी के गढ़ से 48 सीटें निकाल लीं.

West Bengal Election 2021 Analysis: पश्चिम बंगाल की राजनीति में साल 2021 का विधानसभा चुनाव किसी बड़े सियासी भूकंप से कम नहीं था. इस चुनाव में न केवल सत्ता की जंग हुई, बल्कि विभिन्न दलों के बीच सीटों की ऐसी ‘छीना-झपटी’ हुई, जिसने कई दशकों पुराने सियासी समीकरणों को ध्वस्त कर दिया. एक तरफ ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने कांग्रेस और वामपंथियों के किलों को ढाहकर अपनी ताकत बढ़ायी, तो दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भी टीएमसी के गढ़ में जबर्दस्त सेंधमारी की.

ममता के महा-प्रहार से संकट में कांग्रेस, माकपा का वजूद

वर्ष 2016 में 211 सीटें जीतने वाली ममता बनर्जी ने 2021 में 215 सीटों के साथ हैट्रिक लगायी. इस जीत के पीछे दूसरों की सीटें छीनने की एक बड़ी रणनीति थी.

  • कांग्रेस और वामपंथ का सफाया : तृणमूल ने सबसे बड़ा प्रहार कांग्रेस और माकपा पर किया. टीएमसी ने कांग्रेस की 44 सीटें और माकपा (CPIM) की 26 सीटें सीधे अपनी झोली में डाल लीं.
  • वाम के सहयोगियों पर भी भारी दीदी की पार्टी : दीदी की पार्टी ने फॉरवर्ड ब्लॉक की एकमात्र सीट, आरएसपी (RSP) की 1 सीट और सीपीएम की 1 अन्य सीट पर भी कब्जा जमाया.
  • बीजेपी को भी झटका : भाजपा की 3 पुरानी सीटों में से 1 पर भी टीएमसी ने अपना परचम लहरा दिया.
  • अपनी मजबूती : टीएमसी अपनी 162 पुरानी सीटों को सफलतापूर्वक बचाने में कामयाबी रही.

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बीजेपी की बड़ी छलांग, टीएमसी से छीन ली 48 सीटें

भले ही भाजपा सत्ता से काफी दूर रह गयी, लेकिन उसने सीटों की छीनाझपटी में टीएमसी को कड़ी टक्कर दी. भाजपा ने सीधे तौर पर तृणमूल कांग्रेस से 48 सीटें छीन लीं, जो राज्य में भगवा दल के बढ़ते प्रभाव का सबसे बड़ा प्रमाण था. भाजपा ने कांग्रेस की 15, आरएसपी की 2 और सीपीएम की 1 सीट पर जीत दर्ज की. जीजेएम (GJM) की 2 सीटों पर भी भाजपा ने कब्जा जमाया और 1 निर्दलीय सीट भी अपने नाम की. भाजपा अपनी पुरानी 3 में से 2 सीटें बचाने में कामयाब रहीं.

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West Bengal Election 2021 Analysis: अन्य छोटे खिलाड़ियों का हाल

सीटों की इस खींचतान में आरएसएमपी (RSMP) ने चौंकाते हुए तृणमूल कांग्रेस से 1 सीट छीन ली. पहाड़ की राजनीति में जीजेएम की 1 सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत का परचम लहरा दिया. इस चुनावी दंगल ने साफ कर दिया कि बंगाल में अब मुकाबला द्विध्रुवीय (TMC vs BJP) हो चुका है. ममता बनर्जी ने पुराने दलों (कांग्रेस-वामपंथ) का आधार पूरी ध्वस्त कर दिया. बीजेपी मुख्य प्रतिद्वंद्वी के रूप में उभरकर सामने आयी.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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