काउंटिंग से पहले बंगाल कांग्रेस का सनसनीखेज आरोप- 27 लाख लोगों को वोट देने से रोका गया, EVM बदले, स्ट्रांग रूम में हुई धांधली

WB Congress Press Conference: बंगाल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने प्रदेश की चुनाव प्रक्रिया को ‘नाटक’ बताया. 27 लाख मतदाताओं के नाम कटने, राहुल गांधी की रैली में बाधा और स्ट्रांग रूम की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाये.

WB Congress Press Conference: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों से ठीक पहले प्रदेश कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है. रविवार को कोलकाता के विधान भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस (West Bengal Pradesh Congress Committee) अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किये हैं.

लोकतंत्र का उत्सव नहीं, ड्रामा : शुभंकर सरकार

उन्होंने साफ कहा कि यह चुनाव ‘लोकतंत्र का उत्सव’ नहीं, एक ‘ड्रामा’ बनकर रह गया है. शुभंकर सरकार ने आरोप लगाया कि राज्य के लगभग 27 लाख वास्तविक मतदाता अलग-अलग खामियों के कारण अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं कर सके, जो बंगाल के लोकतंत्र के लिए एक शर्मनाक पल है.

स्ट्रांग रूम के पास संगठित अराजकता और सुरक्षा पर सवाल

शुभंकर सरकार ने राज्यभर में स्ट्रांग रूम के आसपास हो रही अशांति पर गहरी चिंता जतायी. उन्होंने आरोप लगाया कि स्ट्रांग रूम के बाहर संगठित समूहों की मौजूदगी माहौल को बिगाड़ रही है. खासकर ग्रामीण इलाकों में काउंटिंग के दिन हिंसा की आशंका जताते हुए उन्होंने प्रशासन को आगाह किया है.

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मोदी-शाह को छूट, खरगे-राहुल पर पाबंदी

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने चुनाव आयोग और प्रशासन पर पक्षपात का बड़ा आरोप लगाया. रैलियों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के हेलीकॉप्टर और सभाओं को तुरंत मंजूरी मिली, लेकिन मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी की सभाओं में जान-बूझकर देरी की गयी या अनुमति नहीं दी गयी. उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को जिन जगहों पर रैली की इजाजत मिली, उन्हीं स्थानों पर कांग्रेस को अनुमति देने से इनकार कर दिया गया.

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शांतिपूर्ण चुनाव के दावे को शुभंकर ने किया खारिज

शुभंकर सरकार ने चुनाव आयोग के शांतिपूर्ण मतदान के दावों को सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने आसनसोल में कांग्रेस कार्यकर्ता देवदीप चटर्जी की हत्या का मुद्दा उठाते हुए पूछा कि इसे शांतिपूर्ण चुनाव कैसे कहा जा सकता है?कई बूथों पर कांग्रेस के पोलिंग एजेंटों और उम्मीदवारों को घुसने से रोका गया, जो सीधे तौर पर नियमों का उल्लंघन है.

फोर्सेस की भूमिका और EVM पर कांग्रेस को संदेह

शुभंकर सरकार ने आरोप लगाया कि केंद्रीय बल बीजेपी के लिए और राज्य पुलिस टीएमसी के लिए काम कर रही थी. उन्होंने दावा किया कि कुछ इलाकों में बार-बार EVM बदले गये, जिससे काउंटिंग प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं. उन्होंने निष्पक्ष और पारदर्शी मतगणना की मांग की है.

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WB Congress Press Conference: प्रत्याशियों की ‘खरीद-फरोख्त’ पर प्रहार

मगराहट में कांग्रेस उम्मीदवार के नामांकन के बाद दूसरी पार्टी में शामिल होने की घटना को उन्होंने लोकतंत्र पर बड़ा आघात बताया. उन्होंने इसे एक ‘खतरनाक मिसाल’ करार देते हुए चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की मांग की है. उन्होंने कहा कि बीजेपी और टीएमसी दोनों ही जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने में विफल रहे. कांग्रेस अब एक मजबूत और नीतिगत विकल्प के रूप में उभर रही है. उन्होंने सभी दलों से काउंटिंग के दौरान शांति बनाये रखने की अपील की है.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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