West Bengal DGP Extension: बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण के मतदान से ठीक पहले केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक (DG & IGP) सिद्ध नाथ गुप्ता के कार्यकाल को 6 महीने के लिए बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. चुनाव के संवेदनशील समय में राज्य के सबसे बड़े पुलिस अधिकारी को मिले इस विस्तार को प्रशासनिक और राजनीतिक हल्कों में काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
30 अप्रैल को होना था रिटायर, अब अक्टूबर तक संभालेंगे कमान
भारत सरकार के कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, सिद्ध नाथ गुप्ता का कार्यकाल 30 अप्रैल 2026 को समाप्त होने वाला था. अब वे इस पद पर अगले 6 महीनों तक बने रहेंगे. जनहित को ध्यान में रखते हुए यह फैसला एआईएस (डीसीआरबी) नियम, 1958 के नियम 16(1) में ढील देते हुए लिया गया है.
West Bengal DGP Extension: केंद्र की मंजूरी के बाद जारी हुआ आदेश
गृह मंत्रालय के 20 अप्रैल के प्रस्ताव पर मुहर लगाते हुए कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने 27 अप्रैल को यह आदेश जारी किया. बंगाल में चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था एक बड़ी चुनौती रही है. ऐसे में केंद्र के इस फैसले के पीछे कई बड़े कारण माने जा रहे हैं. सिद्ध नाथ गुप्ता 1992 बैच के अनुभवी आईपीएस अधिकारी हैं और बंगाल की सुरक्षा स्थितियों को अच्छी तरह समझते हैं. दूसरे चरण के मतदान और मतगणना (4 मई) की प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए सरकार ने वर्तमान नेतृत्व पर ही भरोसा जताया है.
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प्रशासनिक स्थिरता भी है एक वजह
चुनाव के बीच नया डीजीपी नियुक्त करने की जटिलता से बचने के लिए सेवा विस्तार का रास्ता अपनाया गया है. गुप्ता को सेवा विस्तार का आदेश भारत सरकार के निदेशक एनीस कनबनी जॉय के हस्ताक्षर से जारी किया गया है. इसकी प्रतियां पीएमओ, गृह मंत्री कार्यालय, कैबिनेट सचिवालय और पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को भेज दी गयी हैं.
