मुख्य बातें
CISF: कोलकाता. सीआईएसएफ के कार्मिक रामाकांत विश्वकर्मा को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है. रामाकांत विश्वकर्मा पर नाबालिग से दुष्कर्म करने का आरोप है. पश्चिम बंगाल के आसनसोल स्थित कुल्टी पुलिस स्टेशन में रामाकांत विश्वकर्मा के खिलाफ 26 अप्रैल को प्राथमिकी दर्ज की गयी है. प्राथमिकी दर्ज होने के कुछ घंटे बाद ही आरोपित को बंगाल पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल ने भी मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए रामाकांत विश्वकर्मा को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है.
10 वर्ष की नाबालिग से दुराचार के आरोप
रामाकांत विश्वकर्मा पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2) एवं 351(2) तथा लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम, 2012 की धारा 8 एवं 10 के अंतर्गत एक आपराधिक मामला दर्ज किया गया है. यह मामला लगभग 10 वर्ष आयु की नाबालिग बालिकाओं के साथ छेड़छाड़ के गंभीर आरोपों से संबंधित है.शिकायत प्राप्त होते ही स्थानीय पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए अभियुक्त को ईसीएल शीतलपुर मुख्यालय से गिरफ्तार कर लिया गया है. वर्तमान में वह पुलिस हिरासत में है तथा विधि अनुसार आगे की कानूनी कार्यवाही प्रचलित है.
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अपराध के खिलाफ जीरो टॉलेरेंस की नीति
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF)ने भी मामले का तत्काल संज्ञान लिया. मामले की गंभीरता एवं संस्थागत उत्तरदायित्व को ध्यान में रखते हुए, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल ने विभागीय कार्रवाई की लंबी प्रक्रिया को नजरअंदाज किया और बिना किसी विलंब के रामाकांत विश्वकर्मा को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है. सीआईएसएफ ने जारी विज्ञप्ति में कहा है कि संस्था अपने उच्चतम स्तर के अनुशासन, सत्यनिष्ठा एवं व्यावसायिक आचरण को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है. बल किसी भी प्रकार के दुराचार, विशेषकर नैतिक अधोपतन अथवा महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध अपराधों के प्रति जीरो टॉलेरेंस की नीति का कड़ाई से पालन करता है.
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